corona-लापरवाही या मेहरबानी कहीं पटौदी से गुरूग्राम न पहुंच जाये कोरोना वायरस ?

लापरवाही या मेहरबानी


कहीं पटौदी से गुरूग्राम न पहुंच जाये कोरोना वायरस ?

टारगेट 50 सेंपल का और रविवार को कुल 14 लोगों के लिए सेंपल

स्थानीय अस्पताल से सेंपल सेंटर तक विभागीय वाहन का अभाव

हालात फिलहाल नियंत्रण में लेकिन लावरवाही फेर सकती है पानी
Carelessness or kindness,Can Corona virus reach Gurugram from Pataudi somewhere?

 

फतह सिंह उजाला
पटौदी। 
  जिला को रेड जोन घोषित किया जाने और पटौदी में पांच कोरोना कोविड 19 पाॅजिटिव मिलने के बाद भी समय के साथ-साथ ऐसी जानकारी बाहर आ रही है कि, कहीं पटौदी से कोविड 19 संक्रमण गुरूग्राम न पहुंच जाए ? हालांकि अभी तक अधिकांश की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी हैं।
 ऐसे में इसे विभाग के साथ प्रशासन की मेहरबानी कहे या लापरवाही, यही सवाल खड़ा हो गया है। हैरानी की बात तो यह है कि देश, प्रदेश सहित जिला स्तर से लेकर कस्बों-गांवों में कोविड 19 के खिलाफ नाके बंदी के अलावा विभिन्न प्रकार से जंग जारी है। बढ़ते आंकड़े चिंता बढा रहे हैं, लेकिन जो बाते अब बाहर आ रही है उससे यही लगता है कि, मामूली सी भी चूक कहीं करी कराई मेहनत पर पानी न फेर दे।
नाका बंदी अथवा सीलींग के बीच बीते तीन दिनों में पटौदी में पहले सात , फिर दस, फिर 16 और अब रविवार को कुुल 14 सेंपल ही कोविड 19 संक्रमण की जांच के लिए लिये जा सके हैं। रविवार का टारेगेट 50 था और शनिवार को एक सौ सेंपल का था। अब फिर वहीं  सवाल है कि पीड़ित वार्डो के आखिर लोेग सेपल जांच के लिए देने सामने क्यों नहीं आ रहे या फिर स्थानीय प्र्रशासन लोगों का भरोसा नहीं जीत पा रहा है ? जब कि अभी तक यहां पाॅजिटिव पाये गए चार वार्डो के केस में से तीन वार्ड पूरी तरह से सील किये हुए हैं। निवासी अपने खेतों में बने कमरो अथवा कोटड़ों पर रखे मवेशियों का दूध तक नहीं ला पा रहे, खेतों में फसलों की संभाल सहित आवारा मवेशियों से बचाने के देखने भी नहीं जा पा रहे। लेकिन पटौदी में जिस प्रकार से कोविड 19 संक्रमण की पहचान के लिए सेंपल लेकर गुुरूग्राम पहुंचाये जा रहे हैं, उसे पूरे अभियान में चूक भी कहा जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक रविवार को कोविड 19 के संक्रमण के सेंपल लेने वाली टीम को पटौदी अस्पताल से करीब 5-600 मीटर दूरी पर सेंपल कलक्ेशन सेंटर तक पहुंचाने के लिए विभाग, सरकारी वाहन उपलब्ध कराने में नाकाम रहा। इसके साथ ही यह मामला गुरूग्राम सीएमओ के पास पहुंच गया। इसी बीच में संेपलिंग टीम के साथ जाने वाले अधिकारी के वाहन से टीम मौके पर पहुंची। जैसा कि पहले ही आशंका जाहिर कर दी गई थी, रविवार को वही हुआ, काोविड 19 संक्रमण लेने के लिए बिना डाक्टर के ही दो महिला कर्मचारी ने अपना काम किया। कथित रूप से नियमानुसार डाक्टर सेंपल लेने वालों के साथ होना चाहिये और उस डाक्टर की सक्रिनिंग भी होना जरूरी है।

ऐसे गुरूग्राम पहुंच सकता है संक्रमण

सूत्रों के मुताबिक पटौदी से कोविड 19 पाॅजिटिव मिले पीड़ितों के इलाके के वार्ड निवासियों के लिए सेंपल लेने वाली टीम में एक महिला कर्मचारी गुरूग्राम से आवागमन कर रही है। हालांकि जांच और सेंपल के समय किट पहने होती हैं, लेकिन जो हालात बने हैं उसको कतई भी हलके में नहीं लिया जा सकता है। अभी तक प्रशासन सेंपल लेने वालों के लिए पटौदी में ही ठहरने का प्रबंध करने में नाकाम रहा है। ऐसे में गुरूग्राम से आने वाली महिला कर्मचारी संबंधित इलाके में लंबा समय रहने के बाद गुरूग्राम अपने घर लौट रही है। यही समस्या अन्य महिला कर्मचारी की है। इधर प्रशासन ने दो स्कूलों को अपात स्थिती के लिए क्वारंटााइन सेंटर बनाया हुुआ है, तो क्या यहां सेंपल लेने वाली टीम के सदस्यों को ठहरने की व्यवस्था तक नहीं की जा सकती है ? ऐसी ही बड़ी समस्या पटौदी नागरिक अस्पताल में मौजूद एंबुलेंस चालकों को झेलनी पड़ रही है। डयूटी समाप्त करने के बाद कथित रूप से एंबुलेंस चालकों को भी उनके गांवों में आने से रोका जाने की जानकारी मिली है।

रविवार को इनके लिए गए सेंपल
पटौदी के लिए कोविड 19 के मामले की नेगेटिव रिपोर्ट बेहद सूकून देने वाली हैं, लेकिन अभी भी पूरी तरह से बेफिक्र होना बहुत जल्दबाजी कहलाएगी। रविवार को 50 सेंपल लेने का टारगेट रखा गया, रविवार को दानिश पुत्र यूसूूफ 11, मोहम्मद आरीफ पुत्र  सदीक 11, शफीक पुत्र निजामुद्दीन 11, अमित पुत्र  करनैल दर्रापुर, वसीम पुत्र कालू 11, ईश्वर पुुत्र बलबीर 11, बाबरखान पुत्र मोहम्मद रफीक 11, इखलाक पुत्र इलियास 13, जमालुद्दीन पुत्र शमशुद्दीन 11, जाहिद पुत्र इकरामुद्दीन 11, साजिद पुत्र शहाबुद्दीन 11, सुहेल पुत्र मोबिन 11, जाहिद पुत्र इजाजूद्दीन 11 और अब्दुुल स्त्तार वार्ड 11 के ही है।

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