जींद में फर्जी पहचान बनाकर 2 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने की अपील

थाना साइबर क्राइम की सतर्क कार्रवाई के चलते पुलिस ने फर्जी पहचान बनाकर 2 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक श्री कुलदीप सिंह आईपीएस के कुशल दिशा-निर्देशन में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में थाना साइबर क्राइम जींद पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।
व्हाट्सऐप पर फर्जी मैसेज भेजकर की ठगी
थाना साइबर क्राइम के प्रभारी उप निरीक्षक जगदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि शिकायतकर्ता अनील वासी गांव बेलरखा ने थाना साइबर क्राइम जींद में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके मोबाइल पर व्हाट्सऐप मैसेज आया और खुद को उसका परिचित बताया तथा कहा कि उसने उसके खाते में 9 लाख 45 हजार 50 रुपये भेज दिए हैं। आरोपी ने एक फर्जी रसीद भेजी, जिसमें अनील वासी गांव बेलरखा का नाम और बैंक खाता नंबर भी दर्शाया गया था।
फर्जी रसीद और QR कोड के जरिए ठगी
इसके बाद एक अन्य रसीद भेजकर बताया गया कि ये रुपये 24 घंटे के अंदर खाते में दिखाई देंगे। फर्जी रसीद पर विश्वास करके शिकायतकर्ता ने आरोपी के बैंक खातों के माध्यम से QR कोड पर कुल 2 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब शिकायतकर्ता ने कथित परिचित से दोबारा संपर्क किया तो उसने बाकी रकम बाद में लेने की बात कही।
वास्तविक परिचित से संपर्क करने पर खुला राज
अगले दिन जब शिकायतकर्ता ने वास्तविक रमेश नैन से इंस्टाग्राम के माध्यम से संपर्क किया तो उसने स्पष्ट किया कि उसने न तो कोई रुपये मांगे हैं और न ही शिकायतकर्ता को कोई कॉल की है। इस पर शिकायतकर्ता को अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता चला। जिसकी शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज कर तुरंत जांच शुरू की गई।
बिहार से आरोपी गिरफ्तार और पुलिस की अपील
तकनीकी जांच व साक्ष्य के आधार पर थाना साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपी अनिल वासी गांव भगहा प्रतापपुर, जिला पश्चिम चंपारण, बिहार को नियमानुसार गिरफ्तार करके 5,000 रुपये बरामद किए। आरोपी के खिलाफ आगामी कार्यवाही नियमानुसार अमल में लाई जा रही है। पुलिस आमजन से अपील करती है कि सोशल मीडिया पर किसी परिचित के नाम से आई फर्जी आईडी, मैसेंजर या व्हाट्सऐप कॉल/मैसेज पर तुरंत विश्वास न करें। यदि कोई व्यक्ति किसी परिचित के नाम से रुपये भेजने या किसी अन्य व्यक्ति को रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहता है तो पहले संबंधित व्यक्ति से उसके वास्तविक मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सत्यापन अवश्य करें। इसी प्रकार किसी भी प्रकार की फर्जी पेमेंट रसीद, स्क्रीनशॉट या बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी पर तब तक विश्वास न करें, जब तक राशि वास्तव में आपके बैंक खाते में क्रेडिट न हो जाए। साइबर ठगी होने की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाएं तथा साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत करें, ताकि ठगी की रकम को समय रहते फ्रीज करवाने की कार्रवाई की जा सके।