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DAP के लिए अपराधियों की तरह हुई किसानों की वैरिफिकेशन

DAP के लिए अपराधियों की तरह हुई किसानों की वैरिफिकेशन

By atalhindThu, 14 Oct 2021
DAP के लिए अपराधियों की तरह हुई किसानों की वैरिफिकेशन DAP के लिए अपराधियों की तरह हुई किसानों की वैरिफिकेशन DAP के लिए अपराधियों की तरह हुई किसानों की वैरिफिकेशनभिवानी (atal hind )जब भी किसी घटना में या अपराध में किसी व्यक्ति का नाम आता है तो उसकी वैरिफिकेशन का कार्य किया जाता है। इसके तहत उसे पुलिस चौकी में बुलाया जाता है। उसका आधार कार्ड तथा अन्य डाक्यूमेंट जमा करवाए जाते हैं ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि डाक्यूमेंट में जो नाम है वो असली है या नहीं। लेकिन अब सरकार ने खेती के लिए दी जाने वाली डीएएपी खाद के लिए भी किसानों की वैरिफिकेशन अपराधियों की तर्ज पर करवानी शुरू कर दी है। इसका नजारा बुधवार को अनाज मंडी चौकी के बाहर अल सुबह ही देखने को मिला जब किसानों के आधार कार्ड की वैरिफिकेशन के लिए उन्हें लाइन में लगा दिया गया तथा एक-एक किसान के आधार कार्ड चैक कर उन्हें पुलिस कर्मचारियों द्वारा टोकन वितरित किए गए।किसानों पर सरकार व कर्मचारी कितने मेहरमान हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिन अधिकारियों व कर्मचारियों के कंधों पर डीएपी खाद देने का जिम्मा है वो सुबह 11 बजे तक भी कार्यालय नहीं पहुंचते। खाद लेने के लिए पहले तो रात भर किसान अपनी बारी का इंतजार करते रहे तथा जब सुबह हुई तो उन्हें चौकी के बाहर अपराधी की तर्ज पर लाइन में लगा कर टोकन दिए गए। इसके बाद जब 11 बजे तक भी खाद देने वाले जनाब नहीं पहुंचे तो किसानों के सब्र का बांध टूट गया तथा उन्होंने नारेबाजी कर अपना रोष जाहिर किया। किसानों ने कहा कि बिना कुछ खाए पीए इतने घंटे इंतजार करवा कर अधिकारी उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं जो किसी भी सूरत में बर्दाश नहीं किया जाएगा।पुलिस चौकी के अंदर वैरिफिकेशन का कार्य करते हुए पुलिस कर्मचारी। क्या कहते हैं अधिकारीकृषि विभाग के उपनिदेशक आत्माराम गोदारा ने बताया कि डीएपी खाद की कोई कमी नहीं है। बशर्ते किसान अब केवल सरसों की बिजाई के लिए ही खाद की खरीद करेंगे। गेहूं के लिए डीएपी खाद का स्टॉक न करें। उन्होंने बताया कि फिलहाल उनके पास 18 सौ टन डीएपी खाद है। अभी तक 9 हजार एमटी डीएपी खाद बेच चुके हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया अगले एक दो दिनों में हिसार, रेवाड़ी व झज्जर में खाद का रैक लगेगा। वहां से भिवानी को एक हजार एमटी खाद मिलेगी। खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि अगर सरसों की फसल की बिजाई में एसएसपी व एनपीके डाली जाती है तो किसानों को दो क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से ज्यादा फसल होगी। फिलहाल भिवानी जिले में साढे तीन लाख एकड़ में तथा पौने तीन लाख एकड़ में गेहूं की बिजाई होती है। फिलहाल किसान खाद का स्टॉक न करें।photo-25Share this story

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