सोनीपत: डीसीआरयूएसटी मुरथल के दाखिलों में 18 फीसदी की बढ़ोतरी, कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह ने दी जानकारी

दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। विश्वविद्यालय में बीटेक प्रथम वर्ष में दाखिल विद्यार्थियों की संख्या तीन साल में 607 से बढ़कर 716 हो गई है। वर्ष 2024-25 में 607, 2025-26 में 654 और 2026-27 में 716 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इस तरह दो साल में कुल 109 विद्यार्थियों की वृद्धि दर्ज की गई है, जो करीब 18 प्रतिशत है।
कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह का बयान
कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि विद्यार्थियों का यह बढ़ता भरोसा गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा का संकेत है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में आधुनिक पाठ्यक्रम, प्रयोगशाला सुविधाएं और रोजगारपरक शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुसार तकनीकी दक्षता के साथ नवाचार और शोध के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रहा है।
विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिलों की स्थिति
वर्ष 2026-27 में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 140 सीटों पर पूरे दाखिले हुए हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में 139 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। रसायन इंजीनियरिंग में 69, सिविल इंजीनियरिंग में 69, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 69 और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 68 विद्यार्थियों ने प्रवेश पाया है। बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में 35 और जैव प्रौद्योगिकी में 35 दाखिले हुए हैं। कृषि इंजीनियरिंग में 2024-25 के 17 के मुकाबले 2025-26 में 34 दाखिले दर्ज किए गए।
नए पाठ्यक्रम और वास्तुकला की स्थिति
वर्ष 2026-27 में नए पाठ्यक्रमों के तहत डिजाइन में 11 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इलेक्ट्रिकल एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग में 33 तथा ऊर्जा एवं पर्यावरण प्रबंधन में 21 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। विश्वविद्यालय में वास्तुकला की पढ़ाई के लिए भी विद्यार्थियों का रुझान लगातार बना हुआ है। बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर में तीनों वर्षों में 40-40 दाखिले हुए हैं, जिसका मतलब है कि सभी सीटें पूरी तरह भरी रही हैं।
भविष्य की प्राथमिकताएं
कुलगुरु ने अंत में कहा कि विश्वविद्यालय आगे भी ऐसे पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता देता रहेगा। इन पाठ्यक्रमों से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, शोध, नए उद्यम और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। विश्वविद्यालय तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है।