दीपेन्द्र हुड्डा का भाजपा सरकार पर हमला, कहा- गुरुग्राम में विकास के नाम पर हो रहा भ्रष्टाचार और जलभराव की समस्या गंभीर

भाजपा के नेता प्रतिवर्ष जले पर नमक छिड़कने का काम कर रहे – दीपेन्द्र हुड्डा
12 साल से जो ट्रिपल इंजन सरकार चल रही, सरकार की जवाबदेही तय हो
सफाई के लिए हजारों करोड़ मंजूर हुआ, सफ़ाई तो हुई नहीं रुपया साफ़ हो गया
गुरुग्राम निवासियों से बीजेपी सरकार और वहाँ के जनप्रतिनिधि माफ़ी मांगे
जलभराव, बाढ़, जल शक्ति से जुड़ी समाधान बैठक में गुड़गाँव के सांसद नहीं
गुड़गाँव में GMDA, MCG और HSVP की एकाउंटेबिलिटी तय की जाए
केंद्र सरकार गुड़गाँव के लिए बजट दे और यहां की समस्याओं का निदान करे
देश में सबसे ज्यादा जीएसटी कलेक्शन अकेले ही गुड़गाँव से हो रहा
गुरुग्राम /फतह सिंह उजाला /26 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने बुधवार को कहा कि आज गुरुग्राम की जो स्थिति है, वो पूरे देश के सामने है। सरकार की विफलता प्रतिवर्ष दिखाई देती है और भाजपा के नेता प्रतिवर्ष जले पर नमक छिड़कने का काम करते हैं। अगर गुड़गाँव विकसित होगा तो दिल्ली का बोझ कम होगा। दिल्ली से रोज़ हज़ारों लोग गुड़गाँव रोजगार के लिए जाते हैं। गुड़गाँव कभी देश के व्यापारियों के लिए पहली पसंद माना जाता था। बीजेपी सरकार के कुप्रबंधों के कारण नए निवेशक यहाँ आने से कतरा रहे हैं। सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा बताया कि लोकसभा में उनके सवाल के जवाब में केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जवाब देते हुए कहा कि “गुरुग्राम शहर में किसी भी प्रमुख नागरिक बुनियादी ढांचे से संबंधित समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता।” अब केंद्र सरकार में मंत्री जो गुरुग्राम से लगातार सांसद हैं और 12 साल से बीजेपी सरकार में भी मंत्री रहे और पहले यूपीए सरकार में भी गुरुग्राम के प्रतिनिधि थे, मंत्री थे, वो कह रहे हैं कि गुड़गाँव में वाटर लॉगिंग की जो समस्या है, वो कांग्रेस की देन है। उनका ये बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। दीपेन्द्र हुड्डा ने यह भी बताया कि फोगत 7 अगस्त को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने जलभराव, बाढ़, जल शक्ति विभाग से जुड़ी हुई किसी समस्या के समाधान के लिए हरियाणा भवन में एक मीटिंग की जिसमें प्रदेश के सभी सांसदों को बुलाया। हरियाणा के 10 में से 9 सांसद उसमें मौजूद थे। लेकिन उस बैठक में गुड़गाँव के सांसद गए ही नहीं। उनको समय नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि गुड़गाँव से सबसे ज्यादा राजस्व मिलता है लेकिन वो कहाँ जा रहा है? जैसे व सारा साफ़ हो रहा है वैसे ही ये भी सारा साफ हो रहा है।
सीएजी ऑडिट हो कि यह 15,000 करोड़ कहाँ गया
उन्होंने माँग करी कि गुड़गाँव वासियों से 15,000 करोड़ ईडीसी और आईडीसी जो वसूला गया है उसका सीएजी ऑडिट हो कि यह 15,000 करोड़ कहाँ गया। दीपेन्द्र हुड्डा ने मांग करी कि देश में सबसे ज्यादा जीएसटी कलेक्शन गुड़गाँव से हो रहा है। केंद्र सरकार गुड़गाँव के लिए बजट दे और गुड़गाँव की समस्याओं का निदान करे। गुड़गाँव में GMDA, MCG और HSVP की एकाउंटेबिलिटी तय की जाए। 12 साल से जो ट्रिपल इंजन सरकार चल रही है। उसकी जवाबदेही तय हो और मेट्रो का विस्तार किया जाए।
आज तो मिलेनियम पिटी, सिंक सिटी बन गया
कॉमनवेल्थ खेल 2030 हरियाणा में कराने की मांग करते हुए कहा कि कॉमनवेल्थ के बहाने से गुड़गाँव में पैसा लगता तो शहर की बुनियादी समस्याएं काफी हद तक दूर हो जाती। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने आते ही, गुड़गाँव का नाम बदल कर गुरुग्राम किया फिर गुरुग्राम से गुरु-जाम बन गया। गुरुग्राम से जल-ग्राम बन गया। गुरुग्राम से गड्ढा-ग्राम बन गया। यूपीए के समय, जिस गुड़गाँव की पहचान मिलेनियम सिटी के रूप में थी, आज वो मिलेनियम पिटी, सिंक सिटी बन गया। कांग्रेस के समय जो गुड़गांव 'Home to Global Fortune 500 Companies' के रूप में जाना जाता था, आज वो 'Work from Home City' बन गया है। पिछले 2 साल में 12 लोगों की मृत्यु हो गई। कोई पानी में डूब के जान गंवा बैठा तो कोई करेंट लगने से जान गंवा बैठा। 48 घंटे तक देश और दुनिया का सबसे बड़ा ट्रैफ़िक जाम का रिकॉर्ड टूट गया। इसी गुरुग्राम में करीब 300 करोड़ का फ़्लैट बिका, लेकिन उस फ़्लैट मालिक को अपने फ़्लैट तक पहुँचने के लिए साथ में मोटरबोट भी ख़रीदनी पड़ रही है। ट्रंप टावर के आसपास इतना पानी जमा है कि ऐसा लगता है कि अमरीका सरकार के राष्ट्रपति ट्रम्प कहीं इस बात से तो नाराज़ नहीं है! बीजेपी सरकार को इस बारे में भी सोचना चाहिए। हालात ऐसे बन गए कि विदेशी नागरिक सोशल मीडिया पर आकर कह रहे हैं कि हम खुद ही सफ़ाई करें। क्योंकि गुरुग्राम कूड़ा कूड़ा-ग्राम बन गया है।
बीजेपी सरकार गुड़गाँव वालों से दुश्मनी निकाल रही
दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार ने स्कूल बसों को जलभराव वाली सड़कों पर जाने से बैन कर दिया, चालान लगेगा। हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एफ़िडेविट दे दिया कि अरावली की ज़रूरत नहीं है, अरावली में कंस्ट्रक्शन के प्रोजेक्ट्स होंगे, अरावली को ख़त्म करेंगे। अरावली को ख़त्म करने का एफ़िडेविट दे दिया! जब हमने इसका पुरजोर विरोध किया तब जाकर अरावली बची, नहीं तो बीजेपी सरकार ने अरावली को भी ख़त्म करने का काम कर दिया था। जब दो दुश्मनों में टकराव होता है तो जल, थल, और वायु - तीन तरह से आक्रमण किया जाता था। बीजेपी सरकार ने गुड़गाँव वालों के ऐसी दुश्मनी निकाल रही है और तीनों तरफ़ से आक्रमण कर रही है। लोकसभा में सरकार ने एक जवाब में कहा कि वायु प्रदूषण के मामले में गुड़गाँव देश में नंबर एक पर है। जलभराव और दूषित पानी की सप्लाई, वो गुड़गाँव में। थल की बात देखें तो सड़कों में बड़े बड़े गड्ढे हैं। बीजेपी सरकार ने गुड़गाँव में एक के बाद एक घोटाले अंजाम दिए। सिविक एडमिनिस्ट्रेशन घोटाला, बंधवाड़ी लैंडफ़िल का इको ग्रीन घोटाला। सफ़ाई, ड्रेनेज को लेकर हर साल और डीसिल्टिंग को लेकर बड़े-बड़े टेंडरों में घोटाले, सफाई घोटाला। GMDA ने 5 साल में ड्रेनेज पर 4,000 करोड़ ख़र्च किया, सफ़ाई पर 2,000 करोड़ ख़र्चा हुआ। लेकिन सफ़ाई तो हुई नहीं सफाई का बजट साफ़ हो गया।
जब पत्रकार आवाज उठायें तो माइक हटा दिया जाता
उन्होंने कहा कि सरकार हर साल 1.5 करोड़ रुपये की लागत से कॉल सेंटर बनाती है कि जो गुड़गाँव के फ़्लड या जाम में में फँस जाए उन्हें टेलीफ़ोन करे। हालाँकि उपाय के नाम पर सरकार कहती है कि फ़्लडेड सड़कों पर स्कूल बस लेके मत जाओ, अगर फँस जाओ या गड्ढे में डूब रहे हो, तो टेलीफ़ोन करो कॉल सेंटर पे काउंसलिंग के लिए। वहीँ प्रदेश के मुख्यमंत्री का बयान आया कि गुरुग्राम में जलभराव कोई लंबी-चौड़ी बात नहीं, अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में भी बाढ़ आ जाती है। एक पत्रकार ने जलभराव पर सवाल किया तो उनके सुरक्षाकर्मी ने पत्रकार का माइक ही हटा दिया। एक हफ़्ते पहले जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुड़गाँव में मुख्यमंत्री जी इन समस्याओं को लेकर काले झंडे दिखाए तो हमारे दोनों ज़िला अध्यक्षों वर्धन यादव और पंकज डावर पर मुक़दमे दर्ज करा दिए। कई साथियों को हवालात में रात काटनी पड़ी, उन पर हर तरह का अत्याचार किया। जब पत्रकार आवाज उठायें तो माइक हटा दिया जाता है और विपक्ष आवाज उठाए तो मुकदमा दर्ज करा दिया जाता है। ये इनका ट्रैक रिकार्ड है। जबकि गुड़गाँव में गैंगस्टर्स की सबसे ज़्यादा फिरौतियों की कॉल आ रही है, क़ानून व्यवस्था फ़ेल हो गई है। मुख्यमंत्री जी को इस पर ध्यान देना चाहिए। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री का कारकेड घंटों-घंटों तक गुरुग्राम के जाम में फँसा रहा, लेकिन चिंता की बात नहीं, उसमें मुख्यमंत्री जी थे ही नहीं! यह बीजेपी के आधिकारिक हैंडल से जवाब दिया गया। उन्होंने कहा कि दीपेंद्र हुड्डा ने जिस कारकेड की वीडियो को मुख्यमंत्री से जोड़ के भ्रम फैलाने की कोशिश की थी, उस समय मुख्यमंत्री जी उस कारकेड में मौजूद ही नहीं थे, कारकेड ख़ाली था।
सिविल अस्पताल को तोड़ कर पार्किंग बना दिया
उन्होंने बताया कि कांग्रेस की हुड्डा सरकार के समय 2008 में गुड़गाँव में म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन बना उसके पहले म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन भी नहीं थी। मिलेनियम सिटी के रूप में गुड़गाँव की पहचान हुई। गुड़गाँव को मेट्रो, रैपिड मेट्रो से जोड़ने का काम किया गया। देश की पहली रैपिड मेट्रो ने गुड़गाँव को जोड़ने का काम किया। बीजेपी सरकार के 12 साल में मेट्रो का एक खंभा भी अभी तक ऑपरेशनल नहीं हुआ। गुड़गाँव में मानेसर के अंदर सबसे बड़ा औद्योगिक सेंटर आईएमटी बना। ईएसआई अस्पताल गुड़गाँव में कांग्रेस की सरकार में बना। गुड़गाँव-फ़रीदाबाद फोर लेन हाइवे कांग्रेस की सरकार में बना। जिस गुड़गाँव यूनिवर्सिटी में मुख्यमंत्री गए थे, उस यूनिवर्सिटी की शुरुआत कांग्रेस की सरकार में हुई। गुड़गाँव में पीने के पानी की समस्या थी। गुड़गाँव कनाल बनाकर कांग्रेस की हुड्डा सरकार ने पानी पहुँचाने का कार्य किया। वर्ल्ड क्लास अर्बनाइज़ेशन और मास्टर प्लान के माध्यम से गोल्फ़ कोर्स रोड का विकास हुआ। द्वारका एक्सप्रेसवे का 63% काम कांग्रेस के समय पूरा हो गया था। लैंड एक्विजिशन से लेकर सड़क बनने तक। गुड़गाँव सिविल अस्पताल, जिस सिविल अस्पताल को तोड़ कर पार्किंग बनाने का काम बीजेपी की सरकार ने किया। 12 साल में बीजेपी सरकार एक सिविल अस्पताल तक गुड़गाँव में नहीं बना पाई। कांग्रेस सरकार के समय 10 साल में एक बार भी गुड़गाँव में कोई ट्रैफ़िक जाम या जलभराव की कोई ख़बर नहीं आई। इस अवसर पर कांग्रेस ज़िलाअध्यक्ष ग्रामीण वर्धन यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शहरी पंकज डावर , पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज, इंटक के प्रधान अमित यादव, एनएसयूआई के प्रदेश प्रधान अविनाश यादव, सुनीता सहरावत, सीमा पहुजा, नीरज यादव, धर्मेंद्र माकडोला, सुनील यादव, अशोक अंबावत, शिव बोकन, नितिन यादव, सचिन बैसोया समेत बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। प्रेस वार्ता के बाद कांग्रेस नेताओं ने सड़क चाहिए तालाब नहीं, जाम नहीं काम चाहिए के नारे लिखे पोस्टर दिखाए।