सिस्टम को जगाने के लिए पहले मरना होता है ?

Atal Hind20 February 20264 min read1 viewsगुरुग्राम
सिस्टम को जगाने के लिए पहले मरना  होता है ?
आखिर सिस्टम की नींद टूटी और सड़क किनारे पैच वर्क
गुरुवार को बाइक सवार दो भाइयों की सड़क हादसे में हुई दर्दनाक मौत
पटौदी क्षेत्र में विभिन्न सड़क मार्गों के किनारे अभी भी असंतुलित और सड़कों पर गड्ढे
सड़कों पर छोटे-छोटे गड्ढे दे रहे हैं बड़े-बड़े सड़क हादसों को न्योता
दो भाइयों की मौत के 24 घंटे बाद सड़क किनारे डाली गई रोडियां
पटौदी /फतह सिंह उजाला
पटौदी । भारत में अक्सर कोई बड़ा हादसा होने के बाद ही प्रशासन हरकत में आता है। जब तक किसी की जान नहीं जाती, तब तक शिकायतें, ज्ञापन और चेतावनियां फाइलों में दबकर रह जाती हैं। सवाल उठता है—क्या सिस्टम को जगाने के लिए पहले मरना होता है?
ट्रॉले के नीचे कुचले जाने से बाइक सवार दो भाइयों  दर्दनाक मौत के बाद आखिरकार सिस्टम की नींद टूट ही गई । लगता है कि दोनों मृतक भाइयों की आत्मा ने सिस्टम सहित संबंधित विभाग और अधिकारियों को रात भर बेचैन किए रखा । परिणाम स्वरूप शुक्रवार को पटौदी और हेली मंडी क्षेत्र में हेली मंडी में मुख्य सीसी सड़क मार्ग तथा टाइल, असमतल  हिस्से अथवा क्षेत्र को समतल बनाने के लिए रोडिया डालने का काम आरंभ कर दिया गया। स्थानीय निवासियों की तीखी प्रतिक्रिया भी सामने आई है कि यदि सिस्टम संबंधित विभाग और अधिकारी इस छोटी लेकिन बेहद गंभीर जानलेवा समस्या के प्रति गंभीर होते तो गुरुवार को दो भाइयों को अपनी जान सड़क हादसे में नहीं गंवानी पड़ती।
गौरतलब है कि गुरुवार को रेवाड़ी क्षेत्र के रहने वाले दो भाई ईश्वर दास और गूगन बाइक पर सवार होकर बादशाहपुर जा रहे थे। हेली मंडी क्षेत्र में मुख्य सड़क मार्ग और साथ में बिछाई गई टाइल नीचे होने से बाइक सड़क पर चढ़ाने के दौरान ट्रॉले ने टक्कर दे मारी । इस हादसे में दोनों भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई, टक्कर अथवा हादसा इतना भयंकर था कि मृतकों के शव बुरी तरह से कुचल दिया गया। इस हादसे की सूचना मिलती ही हेली मंडी पुलिस मौके पर पहुंची और मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही यातायात को सुचारू बनाने का काम किया।
मुख्य सड़क मार्ग और बराबर में लगाई गई टाइल का लेवल एक बराबर नहीं होने से सड़क किनारे खतरनाक और जानलेवा बने हुए हैं । इस मुद्दे को समाचार पत्रों के माध्यम से समय-समय पर सिस्टम शासन प्रशासन और संबंधित विभागों के संज्ञान में भी लाया जाता रहा है। देखने, कहने और सुनने में छोटी, लेकिन बेहद गंभीर और जानलेवा समस्या को सिस्टम के द्वारा गंभीरता से नहीं लिया गया। गुरुवार को एक बार फिर से स्थानीय निवासियों और मौके पर पहुंची पुलिस के बीच में भी बहसबाजी सहित गरमा गर्मी भी हुई। इसका मुख्य कारण मुख्य सड़क मार्ग तथा सड़क के दोनों तरफ बिछाई गई टाइल के कारण जानलेवा किनारे ही रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि खास तौर से रात के समय सबसे अधिक समस्या दो पहिया वाहन चालकों के लिए ही बनी रहती है । इसके अलावा बरसात के समय सड़क के दोनों तरफ बरसाती पानी भरने से भी टाइल और मुख्य सड़क के बीच खतरनाक किनारे दुर्घटना का कारण बनते रहते हैं।
शुक्रवार को जिस प्रकार से सड़क किनारे सिस्टम अथवा संबंधित विभाग के द्वारा काली रोडिया डालकर पैच वर्क किया गया। उसे देखते हुए लोगों का अपना नजरिया है कि यह एक प्रकार से अस्थाई राहत का कार्य है। हैवी व्हीकल के आवागमन से रोडिया कितने समय तक अपनी जगह पर रहेगी ? यह मटेरियल की गुणवत्ता पर निर्भर रहेगा। इस प्रकार का पैच वर्क केवल मात्र पटौदी हेली मंडी के बीच ही नहीं किया जाए । पटौदी विधानसभा क्षेत्र के सभी सड़क मार्गों का तीव्र गति से निरीक्षण और मुआयना  करते हुए सड़कों के बीच में बने हुए गड्ढे सहित किनारो को समतल बनाने का कार्य किया जाए। जिससे कि भविष्य में इस प्रकार की अनहोनी दुर्घटना हुआ अथवा हादसा पर नियंत्रण किया जा सके।
 
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