दुष्यंत चौटाला का भाजपा सरकार पर हमला, कहा- आसमान छू रही महंगाई और ठप पड़ी व्यवस्था

हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने नरवाना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने महंगाई, किसानों के मुद्दों, विधानसभा सत्र की अवधि और प्रदेशभर में चल रही हड़तालों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया।
नरवाना की विश्वकर्मा धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत और कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान दुष्यंत चौटाला ने कहा कि भाजपा राज में महंगाई आसमान छू रही है। बढ़ती महंगाई ने आम आदमी का जीवन बेहद मुश्किल बना दिया है और आम आदमी की कमर पूरी तरह से टूट चुकी है। रसोई का बजट लगातार बिगड़ता जा रहा है और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें आम परिवारों की पहुंच से बहुत दूर होती जा रही हैं। उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष में रहते हुए जब चीनी की कीमत में महज दो रुपए की बढ़ोतरी होती थी, तब उनके नेता संसद तक में हंगामा करते थे। आज वही चीनी आम आदमी से दूर होती जा रही है और कीमत में 20 से 25 रुपए की बढ़ोतरी होने पर भी सरकार पूरी तरह से चुप बैठी है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि महंगाई केवल रसोई तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी खर्च तेजी से बढ़ रहा है। यह स्थिति मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी चिंता का विषय बन गई है। खाने-पीने से लेकर रोजमर्रा उपयोग की सभी चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें गिरने के बावजूद सरकार द्वारा गैस, पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं घटाए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह आम जनता की भारी परेशानी को समझे और महंगाई पर नियंत्रण पाने के लिए ठोस कदम उठाए।
दुष्यंत चौटाला ने अपनी पार्टी की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे प्रदेश के बच्चों को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के लिए अधिक से अधिक नए अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने चिंता जताई कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन आम आदमी की आय और राहत उसी रफ्तार से क्यों नहीं बढ़ रही है। इस बार बरसात कम होने के कारण फसल उत्पादन घटने की भी बड़ी चिंता बनी हुई है। सरकार को इस गंभीर मसले पर तुरंत और संजीदा कदम उठाने की आवश्यकता है।
सरकार पर विधानसभा सत्र को छोटा करके चर्चा से भागने का गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विधानसभा और संसद की गरिमा को पूरी तरह से तार-तार कर रही है। सत्र छोटे किए जाने से किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर खुलकर चर्चा नहीं हो पा रही है। यदि सदन में चर्चा नहीं होगी तो जनहित के सुझाव सामने नहीं आएंगे और देश व प्रदेश आगे नहीं बढ़ पाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को हड़तालों के मुद्दे पर घेरते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हड़ताली सफाई कर्मचारियों से बातचीत करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं हैं। प्रदेश के शहरों में आज पुलिस के कड़े पहरे के बीच सड़कों से कचरा उठाया जा रहा है। इसके अलावा पटवारी और कानूनगो भी अपनी मांगों को लेकर लगातार हड़ताल पर बैठे हुए हैं। मुख्यमंत्री को सुबह-शाम पूर्व सरकारों को कोसने की बजाय वर्तमान के गंभीर हालातों पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने यह भी तंज कसा कि गुरुग्राम, जो प्रदेश को 70 प्रतिशत तक का राजस्व देता है, वहां थोड़ी सी बारिश होते ही बहुत बुरा हाल हो जाता है।
जेबीटी भर्ती घोटाले से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए दुष्यंत चौटाला ने स्पष्ट किया कि यदि कोई घोटाला हुआ था, तो हाईकोर्ट ने 3206 जेबीटी शिक्षकों को उनकी नौकरी और रिटायरमेंट के सभी फायदे क्यों प्रदान किए। गरीबों के घरों में चूल्हा जलाने के लिए पूर्व नेताओं को सजा तक काटनी पड़ी है। अदालत ने इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से मान्य ठहराया है। यदि वर्तमान मुख्यमंत्री को इस पर कोई भी आपत्ति है, तो वे सीधे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। उन्होंने पंजाब राज्य की तर्ज पर हरियाणा में भी तुरंत जॉब सिक्योरिटी कानून लागू किए जाने की पुरजोर मांग उठाई।
इससे पहले नरवाना की विश्वकर्मा धर्मशाला में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं की इस बैठक में बीएलए-2 नरवाना को लेकर चर्चा की गई और संगठन की मजबूती के संबंध में सभी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष बृज शर्मा, राष्ट्रीय संगठन सचिव राजेंद्र लितानी, राष्ट्रीय सचिव कृष्णा राठी, प्रदेश कार्यालय सचिव रविंद्र सांगवान, जिला प्रधान जोरा सिंह डूंगर और हलका प्रधान सुरेंद्र गोयत ने सभा को संबोधित किया। इस पूरे कार्यक्रम का मंच संचालन प्रदेश प्रवक्ता बिट्टू नैन द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। बैठक में हलका प्रभारी ईश्वर नैन, बलवान दनोदा, संयोजक शमशेर बड़वाड़ा, किसान प्रधान तारा चहल, युवा प्रधान रॉबिन धनौरी, युवा प्रधान अवतार गुर्थली और जगदीश गुरुसर सहित अनेक कार्यकर्ता और नेता उपस्थित रहे।