फरीदाबाद बार एसोसिएशन का बड़ा फैसला, अधिवक्ता कुणाल कांत शर्मा मामले में 11 और 12 अगस्त को न्यायिक कार्य से रहेंगे विरत

फरीदाबाद जिला बार एसोसिएशन ने अधिवक्ता कुणाल कांत शर्मा से जुड़े घटनाक्रम को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बार एसोसिएशन ने 11 एवं 12 अगस्त को न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला किया है। यह निर्णय राजेश बैंसला और टीका डागर के नेतृत्व में लिया गया है, जो वकीलों की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए उठाया गया कदम है।
जनरल हाउस की बैठक में लिया गया निर्णय
इस संबंध में बार प्रधान राजेश बैंसला एवं महासचिव टीका डागर द्वारा मंगलवार सुबह 11 बजे बार रूम में जनरल हाउस की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में मामले पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया और वकीलों ने एक स्वर में स्ट्राइक के निर्णय का समर्थन किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता की गरिमा, सम्मान, सुरक्षा और पेशे की स्वतंत्रता से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता है।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं का मिला पूरा समर्थन
बैठक में जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ताओं, पूर्व पदाधिकारियों एवं वर्तमान पदाधिकारियों ने भाग लिया और पूरे घटनाक्रम पर अपने विचार रखे। पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के सदस्य प्रदीप परमार, वरिष्ठ अधिवक्ता जेपी अडवाना, पूर्व बार प्रधान ओपी शर्मा सहित कई प्रमुख वकीलों ने इस निर्णय का समर्थन किया। वक्ताओं ने बार प्रधान राजेश बैंसला और महासचिव टीका डागर द्वारा जनरल हाउस बुलाने और कार्य से विरत रहने के निर्णय की सराहना की।
निष्पक्ष जांच और कानून के शासन पर जोर
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वकीलों ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी स्तर पर कानून या निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष से टकराव नहीं, बल्कि अधिवक्ता के सम्मान और कानून के शासन की रक्षा करना है।