फरीदाबाद में पार्षद को अपशब्द कहने पर अधीक्षण अभियंता का तबादला, वीडियो जारी कर मांगी माफी

फरीदाबाद में प्रवासी समाज से संबंध रखने वाले पार्षद को अपशब्द कहने के मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है। फरीदाबाद में प्रवासी समाज से संबंध रखने वाले पार्षद को अपशब्द कहने के मामले में अधीक्षण अभियंता ने रविवार को वीडियो जारी करके माफी मांग ली है। रविवार शाम को ही इस मामले में पूर्वांचल समाज के लोगों ने एक पंचायत रखी थी। अधीक्षण अभियंता ओमबीर सिंह ने माफी मांगते हुए कहा कि वह अपने शब्दों से किसी को आहत नहीं करना चाहते थे। हालांकि, वह इस बात को भी लगातार कहते रहे कि उनको इस ऑडियो को लेकर कोई जानकारी नहीं है। उनको यह बात भी याद नहीं है कि यह बात उन्होंने किससे की थी। इस पूरे मामले को अब राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
प्रवासी समाज के विरोध के बाद सरकार की कार्रवाई
प्रवासी समाज के लोगों के भारी विरोध के बाद प्रदेश सरकार की ओर से इस मामले में तुरंत कड़ी कार्रवाई की गई है। सरकार की ओर से कार्रवाई करते हुए अधीक्षण अभियंता का ट्रांसफर यमुनानगर कर दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि छुट्टी वाले दिन भी सरकार ने इसके आधिकारिक ऑर्डर जारी किए। आपको बता दें कि इससे पहले अधीक्षण अभियंता ओमवीर सिंह का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ था। इस वायरल ऑडियो में वह एक पूर्व पार्षद से बात कर रहे हैं। बातचीत के दौरान वह प्रवासी समाज से संबंध रखने वाले एक अन्य पार्षद को अपशब्द कह रहे हैं। यह पार्षद भी एक प्रवासी समाज से ही संबंध रखता है।
ऑडियो वायरल होने के बाद पूर्वांचल समाज का मोर्चा
यह ऑडियो वायरल होने के बाद पूर्वांचल समाज के लोगों ने पूर्व विधायक नीरज शर्मा के नेतृत्व में बड़ा मोर्चा खोल दिया था। इस मामले को लेकर शहरी स्थानीय निकाय मंत्री को भी एक ज्ञापन सौंपा गया था और कड़े एक्शन की मांग की गई थी। अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी प्रवासी समाज के लोगों ने अधीक्षण अभियंता के खिलाफ अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। लोगों का रोष इसक हद तक बढ़ गया कि सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी और अधिकारी को यहां से हटाना पड़ा।
अधीक्षण अभियंता का 37 साल में पहली बार हुआ ट्रांसफर
अधीक्षण अभियंता की नगर निगम में पैठ और हनक का अंदाजा इसी बात से आसानी से लगाया जा सकता है कि 37 साल में उनका फरीदाबाद से बाहर ट्रांसफर कभी नहीं हुआ था। वह साल 1995 में जेई के तौर पर नगर निगम में नियुक्त हुए थे। उन्होंने यहीं पर रहकर कार्यकारी अभियंता का प्रमोशन भी हासिल किया था। अब वह करीब पिछले तीन साल से अधीक्षण अभियंता के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।