फरीदाबाद के मुजेसर थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर अलग-अलग 2.61 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला करीब तीन साल चली सुनवाई के बाद आया है।
एडिशनल सेशन जज पुरुषोत्तम कुमार की कोर्ट ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोनों दोषियों को मर्डर, गैंगरेप और एससी-एसटी एक्ट में उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा सबूत मिटाने और घर में घुसने की धारा के तहत दोनों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई है।
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2023 में दोनों आरोपियों ने युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। इसके बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी।
हत्या के सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने शव को फंदे पर लटका दिया था। युवती के भाई की शिकायत पर मुजेसर थाने में केस दर्ज किया गया था। मामला गंभीर होने के कारण इसकी जांच क्राइम ब्रांच डीएलएफ को सौंपी गई थी।
पुलिस टीम ने जांच के दौरान फिजिकल और टेक्निकल एविडेंस जुटाए और दोनों आरोपियों को 27 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद 29 जुलाई 2023 को अदालत में चालान पेश किया था। दोषियों की पहचान प्रहलाद निवासी मथुरा और मुकेश निवासी गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। दोनों फरीदाबाद में किराए पर रह रहे थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू की थी और इस मामले को चिन्हित अपराध की श्रेणी में रखा था।
सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से तीन साल में अदालत में 25 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए थे।
पुलिस ने फिजिकल और टेक्निकल एविडेंस के आधार पर अदालत में मामले की मजबूत पैरवी की थी।