फरीदाबाद के अस्पताल में डॉक्टरों ने ट्रैक्टर हादसे में गंभीर रूप से घायल 21 वर्षीय युवती की जान बचाई

फरीदाबाद के अस्पताल में डॉक्टरों ने ट्रैक्टर हादसे में गंभीर रूप से घायल 21 वर्षीय युवती की जान बचाई

फरीदाबाद के सेक्टर 8 स्थित सर्वोदय हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एक 21 वर्षीय युवती की जान बचा ली है। युवती का नाम भावना है। डॉक्टरों ने एक जटिल और तीन घंटे लंबी इमरजेंसी सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की है। यह घटना एक जानलेवा हादसे के बाद हुई है। पीड़िता उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के चिक्सोली गांव की रहने वाली है। जब इस युवती के कपड़े ट्रैक्टर के पहिए में फंस गए, तब इसे ट्रैक्टर ने काफी दूर तक घसीटा था।

गंभीर चोटों के साथ अस्पताल पहुंची थी युवती

अस्पताल पहुंचने पर मेडिकल टीमों ने पाया कि युवती को गंभीर चोटें आई थीं। युवती को हेमरेजिक शॉक, भारी खून की कमी, खतरनाक रूप से कम ब्लड प्रेशर और फटी हुई आंत की समस्या थी। इसके अलावा, मरीज के डायफ्राम में भी चोट थी। इस कारण उसका पेट और कोलन छाती की गुहा में विस्थापित हो गया था। यह एक दुर्लभ जटिलता है जो एक प्रतिशत से भी कम ट्रॉमा के मामलों में होती है। इसके अलावा, अत्यधिक त्वचा और ऊतक (tissue) के नुकसान के कारण उसके दाहिने पैर से अनियंत्रित खून बह रहा था।

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तीन घंटे चली जटिल इमरजेंसी सर्जरी

जनरल और मिनिमल इनवेसिव सर्जरी के सीनियर कंसलटेंट और हेड डॉ. अर्जुन गोयल ने मल्टीडिसिप्लिनरी ट्रॉमा टीम का नेतृत्व किया जिसने मरीज का इलाज किया। डॉ. गोयल ने बताया कि टीम ने तुरंत मरीज को ऑपरेशन थियेटर में पहुंचाया। उन्होंने यह भी बताया कि जरा सी भी देरी के कारण इर्रिवर्सिबल शॉक, मल्टीपल ऑर्गन फेलियर और मौत हो सकती थी। इस प्रक्रिया के दौरान, सर्जनों ने फटे हुए डायफ्राम की मरम्मत की, पेट के अंगों को दोबारा उनकी सही जगह पर सेट किया, और आंत तथा पैर के नुकसान का इलाज किया।

सफल इलाज के बाद मरीज की स्थिति हुई सामान्य

सर्जरी के बाद, मरीज को इंटेंसिव केयर और कई बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ी। इसके बाद आखिरकार मरीज की स्थिति स्थिर हुई और उसने अपनी दैनिक गतिविधियां फिर से शुरू कर दीं। सर्वोदय हेल्थकेयर के चेयरमैन डॉ. राकेश गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि सफल परिणाम से यह बात साबित होती है कि तेजी से डायग्नोसिस, समय पर सर्जरी और कोऑर्डिनेटेड ट्रॉमा केयर कितनी महत्वपूर्ण है। अपनी रिकवरी को याद करते हुए, हादसे से बची हुई युवती ने मेडिकल स्टाफ का आभार व्यक्त किया। उसने बताया कि हादसे के तुरंत बाद उसे असहनीय दर्द हो रहा था और सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी।

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