फरीदाबाद में सोमवार को अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त से मुलाकात की और पुलिस प्रशासन से जुड़े एक घटनाक्रम में निष्पक्ष जांच और शीघ्र कार्रवाई की मांग की। वरिष्ठ अधिवक्ता ओ.पी. शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त के माध्यम से हरियाणा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं डीजीपी हरियाणा के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच करने तथा घटनाक्रम से जुड़े सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड एवं साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई।
इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व बार प्रधान के.पी. तेवतिया, पूर्व बार महासचिव ओम दत्त शर्मा, अधिवक्ता अजीत डागर, अधिवक्ता एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी, सजल चौधरी, पंकज शर्मा, दीपक सिंह, पीयूष शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।
डीसी कार्यालय पहुंचने के दौरान अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन और डीसीपी ऊषा कुंडू के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना रोष जताया। अधिवक्ताओं ने मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं की गरिमा, सम्मान और पेशे की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
ज्ञापन में 5 अगस्त को हुए घटनाक्रम से संबंधित सीसीटीवी फुटेज तत्काल सुरक्षित कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
इसके साथ ही डीसीपी कार्यालय एवं थाना सेंट्रल से संबंधित सीसीटीवी रिकॉर्ड, डीडी-जीडी रोजनामचा, पुलिसकर्मियों की आमद-रवानगी, ड्यूटी रोस्टर, शिकायत, प्राथमिकी, आगंतुक रजिस्टर तथा प्रवेश-निकास से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग की गई। अधिवक्ताओं ने कहा कि ऐसा इसलिए ताकि जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्यों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो सके।
अधिवक्ताओं के अनुसार, 5 अगस्त को अधिवक्ता कुनाल कांत शर्मा डीसीपी सेंट्रल कार्यालय पहुंचे थे।
आरोप है कि कार्यालय से निकलने के दौरान उन्हें रोका गया और बाद में थाना सेंट्रल ले जाया गया, जहां उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक रखा गया। इसी घटनाक्रम को लेकर अधिवक्ताओं में रोष है। अधिवक्ताओं ने कहा कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए और यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा नियमों के विपरीत कार्रवाई सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त से आग्रह किया कि अधिवक्ताओं की मांगों को राज्य सरकार एवं पुलिस के उच्च अधिकारियों तक तत्काल पहुंचाया जाए, ताकि मामले में शीघ्र निर्णय हो सके।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि समयबद्ध एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आगे की रणनीति जिला बार एसोसिएशन की बैठक में तय की जाएगी। फोटो के संबंध में जानकारी दी गई कि जिला उपायुक्त की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि या सुपरिंटेंडेंट को राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं डीजीपी हरियाणा के नाम ज्ञापन सौंपते अधिवक्ता एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी व अन्य अधिवक्ता नजर आए।