फरीदाबाद में शराब ठेकेदार से 1.53 लाख रुपये की नकदी लूटने वाले चार आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद में शराब ठेकेदार से 1.53 लाख रुपये की नकदी लूटने वाले चार आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद में थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत शराब ठेकेदार से नकदी लूटने के मामले में अपराध शाखा सेक्टर-48 की टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना करीब 1.53 लाख रुपये लेकर घर जा रहे शराब ठेकेदार के साथ टाउन नंबर 2 में रास्ते में रोककर हुई थी। पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इस वारदात की साजिश शिकायतकर्ता के पूर्व कर्मचारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर रची थी। आरोपी को यह अच्छी तरह पता था कि ठेके से रोजाना बिक्री के रुपये लेकर शिकायतकर्ता अपने घर जाता है। इसके बाद सभी आरोपितों को अदालत में पेश किया गया और उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

सहायक पुलिस आयुक्त अपराध ने दी जानकारी

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शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त अपराध अमन यादव ने इस मामले की पूरी जानकारी दी। शिकायतकर्ता चरण सिंह कन्हैया निवासी एनआईटी-2 फरीदाबाद ने 16 जुलाई को पुलिस चौकी टाउन नंबर-2 में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनका डबुआ चौक पर शराब का एक ठेका है। 15 और 16 जुलाई की दरमियानी रात को वह ठेके से करीब 1 लाख 53 हजार रुपये लेकर अपनी मोटरसाइकिल से घर के लिए निकले थे। जब वह एनआईटी -2 स्थित ई-ब्लॉक के पास पहुंचे तो वहां तीन युवक पहले से खड़े थे। उन युवकों ने उन्हें रुकवाया और उनके हाथ से पैसों से भरा बैग छीनकर मौके से फरार हो गए।

अपराध शाखा सेक्टर-48 ने की चार आरोपियों की गिरफ्तारी

शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया और अपराध शाखा सेक्टर 48 की टीम ने आरोपितों की तलाश शुरू कर दी। सघन जांच के दौरान अपराध शाखा सेक्टर-48 की टीम को 13 अगस्त को बड़ी सफलता मिली और उन्होंने 4 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान प्रिंस उर्फ राजा (उम्र 23 वर्ष) निवासी जिला मधेपुरा बिहार हाल सोनिया विहार दिल्ली, रवि उर्फ रोहित उर्फ मोटा (उम्र 24 वर्ष) निवासी जिला मथुरा उत्तर प्रदेश हाल सोनिया विहार दिल्ली, अमित पाल (उम्र 23 वर्ष) निवासी सोनिया विहार दिल्ली और अंकित उर्फ लप्पा (उम्र 24 वर्ष) निवासी सोनिया विहार दिल्ली के रूप में हुई है।

पूर्व कर्मचारी ने रची थी लूट की पूरी साजिश

प्रारंभिक जांच के दौरान यह बात सामने आई कि मुख्य आरोपी प्रिंस उर्फ राजा पहले शिकायतकर्ता के शराब के ठेके पर ही काम करता था। उसे 8 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर रखा गया था। शिकायतकर्ता द्वारा उसकी सैलरी के कुछ रुपये नहीं दिए गए थे, जिसके बाद उसने वह नौकरी छोड़ दी थी। प्रिंस को यह पूरी जानकारी थी कि शिकायतकर्ता रोजाना ठेके की बिक्री के रुपये अपने साथ लेकर जाता है। इसी बात का फायदा उठाकर उसने अपने साले अंकित के साथ मिलकर इस लूट की योजना बनाई और अपने दो अन्य साथी रवि तथा अमित को भी इस वारदात में शामिल कर लिया।

वारदात से पहले की गई थी पूरी रैकी और वाहन चोरी

आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम देने से पहले शिकायतकर्ता की गतिविधियों की पूरी रैकी की थी। इस बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए उन्होंने दिल्ली के सोनिया विहार क्षेत्र से एक मोटरसाइकिल भी चोरी की थी। इन आरोपितों ने घटनाक्रम से पहले भी इस तरह की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की थी परंतु वे उस समय कामयाब नहीं हो पाए थे। आखिरकार 15 और 16 जुलाई की रात को उन्होंने कट्टा दिखाकर शिकायतकर्ता से रुपये से भरा बैग लूट लिया और वहां से फरार हो गए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी रवि उर्फ रोहित के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, एक्साइज एक्ट और लड़ाई-झगड़े से संबंधित तीन मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं आरोपी प्रिंस उर्फ राजा के खिलाफ भी लड़ाई-झगड़े का एक मामला दर्ज है।

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