फरीदाबाद में सफाई कर्मचारियों ने मांगों को लेकर कराया सामूहिक मुंडन, सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप

फरीदाबाद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय के बाहर कर्मचारियों ने अनोखा प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में सामूहिक मुंडन कराकर सरकार के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताया। इस दौरान प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार बातचीत और आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी मांगों को धरातल पर लागू नहीं किया जा रहा है।
कर्मचारियों ने सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
कर्मचारी नेताओं ने साफ तौर पर कहा कि सरकार उनके साथ लगातार वादा खिलाफी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। आपको बता दें कि हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल छह अगस्त से शुरू हुई थी। इसी कड़ी में फरीदाबाद में भी नगर निगम के कर्मचारी लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि 13 मई को सरकार के साथ हुई एक बैठक में कई मांगों पर सहमति बनी थी। लेकिन इन सहमति के बाद भी सरकार की ओर से उनके संबंध में कोई लिखित आदेश जारी नहीं किए गए हैं। इसी बात को लेकर कर्मचारियों के मन में भारी रोष और गुस्सा देखने को मिल रहा है।
कच्चे और ठेका कर्मचारियों को नियमित करने की मुख्य मांग
कर्मचारियों की सबसे प्रमुख और बड़ी मांग यह है कि सभी कच्चे, ठेका और दैनिक वेतनभोगी सफाई एवं सीवर कर्मचारियों को तुरंत नियमित किया जाए। कर्मचारी लगातार यह मांग कर रहे हैं कि ठेका प्रथा को पूरी तरह से खत्म किया जाए। इसके साथ ही कर्मचारियों को सीधे विभागीय रोल पर लाया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनका नियमितीकरण नहीं होता, तब तक उन्हें समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए। इसके अलावा प्रदर्शन के दौरान जोखिम भत्ता, सुरक्षा उपकरण, ईएसआई, ईपीएफ और अन्य जरूरी सेवा सुविधाएं देने की भी मांग उठाई गई।
अन्य प्रमुख मांगें और सरकार का पक्ष
कर्मचारी नेता नरेशा शास्त्री ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी की जाए। इसके अलावा वेतन-भत्ते और बकाया एरियर का भुगतान समय पर किया जाए। दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। मृतक कर्मचारी के किसी एक आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाए और कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही विभाग के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। कर्मचारियों से जुड़े पुराने मामलों में भी कर्मचारियों को राहत देने की मांग की जा रही है। दूसरी ओर, सरकार ने नियमितीकरण के इस पूरे मुद्दे पर कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया है।
लिखित आदेश मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
वही दूसरी तरफ कर्मचारी नेताओं का कहना है कि अब उन्हें कोरे आश्वासनों की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्हें अपनी मांगों को लागू करने के लिए अब पक्के लिखित आदेश चाहिए। नगर निगम मुख्यालय के बाहर हुए सामूहिक मुंडन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी निष्ठा से शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद सरकार उनकी नौकरी की सुरक्षा को लेकर कोई भी ठोस निर्णय नहीं ले रही है। अंत में कर्मचारी नेताओं ने एक बार फिर चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन जारी रहेगा। यदि आवश्यकता पड़ी तो आने वाले समय में इस आंदोलन को और अधिक तेज भी किया जाएगा।