फरीदाबाद में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन तेज, मंत्री की एस्कॉर्ट गाड़ी पर चढ़े नेता

फरीदाबाद में सफाई कर्मचारियों का आंदोलन शनिवार को और अधिक तेज हो गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के सेक्टर-16 स्थित कार्यालय पर पहुंच गए। कर्मचारियों ने हाथों में झाड़ू लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस पूरे प्रदर्शन के दौरान एक कर्मचारी नेता स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल की कमांडो एस्कॉर्ट गाड़ी के ऊपर जा चढ़े। इसके बाद पुलिस की चेतावनी मिलने पर वह कर्मचारी नेता गाड़ी के नीचे उतरे।
एस्मा लगाने की चेतावनी के बावजूद जारी रहेगा आंदोलन
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि सरकार उनकी आवाज दबाने के लिए एस्मा लगाने की बात कर रही है। लेकिन कर्मचारियों का साफ कहना है कि इस चेतावनी से उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी टकराव के लिए नहीं आए हैं। वे केवल अपनी जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए यह आंदोलन कर रहे हैं। उनका यह भी दावा है कि यह हड़ताल पूरी तरह से संवैधानिक तरीके से की जा रही है। कर्मचारियों ने साफ शब्दों में कहा कि एस्मा लगाने की चेतावनी से वे बिल्कुल भी डरने वाले नहीं हैं। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तब तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
छह अगस्त से जारी है सफाई कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल
सफाई कर्मचारियों की यह राज्यव्यापी हड़ताल पिछले छह अगस्त से लगातार चल रही है। कर्मचारियों का मुख्य आरोप है कि गत 13 मई को सरकार के साथ हुई बातचीत में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी थी। लेकिन सरकार ने उन सहमति वाले मुद्दों को लागू करने के लिए अब तक कोई भी लिखित आदेश जारी नहीं किया है। इसी मुख्य वजह के कारण कर्मचारियों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें और आगे की रणनीति
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे, ठेका और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को पक्का करना शामिल है। इसके अलावा ठेका प्रथा को पूरी तरह से खत्म करना और समान काम के लिए समान वेतन देना भी उनकी प्रमुख मांगों में है। कर्मचारियों की यह भी मांग है कि उन्हें जोखिम भत्ता, सुरक्षा उपकरण, ईएसआई और ईपीएफ का लाभ मिले। न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी, एरियर का भुगतान, दुर्घटना में मुआवजा और मृतक कर्मचारी के आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग भी इसमें शामिल है। कर्मचारी नेता नरेश शास्त्री ने इस संबंध में कहा कि सरकार बातचीत के दौरान कई मांगों पर सहमति जता चुकी है। लेकिन अब तक सरकार की ओर से उन मांगों को लागू करने के लिए कोई भी ठोस आदेश नहीं मिले हैं। उनका दो टूक कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन देने मात्र से यह आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। जब तक सरकार इन सभी मांगों को लेकर लिखित आदेश जारी नहीं करती है, तब तक पूरे प्रदेशभर में उनका यह विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।