फरीदाबाद में रक्षा बंधन पर बहन ने भाई को किडनी देकर बचाई जान, पेश की अनोखी मिसाल

फरीदाबाद में रक्षा बंधन पर बहन ने भाई को किडनी देकर बचाई जान, पेश की अनोखी मिसाल

फरीदाबाद में रक्षा बंधन के पवित्र पावन अवसर पर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की एक बहुत ही भावुक कर देने वाली मिसाल सामने आई है। 47 वर्षीय रेखा मिश्रा ने अपने 40 वर्षीय भाई विनय पांडेय को अपनी किडनी दान करके उन्हें जिंदगी की एक बिल्कुल नई उम्मीद दी है। विनय पिछले काफी समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।

अस्पताल में हुआ सफल किडनी ट्रांसप्लांट

जब नियमित चिकित्सकीय जांच कराई गई, तब विनय के लिए किडनी ट्रांसप्लांट की सख्त जरूरत सामने आई। इसके बाद बहन रेखा मिश्रा ने तुरंत अपनी किडनी दान करने का बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया। यह पूरी किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया फरीदाबाद के एकॉर्ड अस्पताल में कुशल चिकित्सकों की विशेष देखरेख और निगरानी में पूरी की गई।

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जांच के बाद डोनर बनीं बहन

आवश्यक सभी प्रकार की मेडिकल जांच और जरूरी चिकित्सकीय औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद रेखा को किडनी दान करने के लिए बिल्कुल उपयुक्त पाया गया। अपने प्यारे भाई को एक स्वस्थ जीवन देने के लिए बहन का यह साहसिक निर्णय रक्षा बंधन के इस पावन पर्व पर भाई-बहन के रिश्ते की गहराई को बहुत अच्छी तरह से दर्शाता है।

चिकित्सक ने की सराहनीय पहल की तारीफ

अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि इस तरह का अंगदान किसी भी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन का दूसरा बहुत बड़ा अवसर साबित हो सकता है। रेखा मिश्रा का अपने सगे भाई के लिए किडनी दान करने का यह पूरा निर्णय बेहद सराहनीय है। ऐसे सभी मामलों से हमारे पूरे समाज में अंगदान के प्रति लोगों में जागरूकता काफी हद तक बढ़ती है।

नियमित निगरानी और जीवन का अनमोल उपहार

सफल किडनी ट्रांसप्लांट की पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मरीज और डोनर यानी दोनों की ही नियमित चिकित्सकीय निगरानी रखना बेहद जरूरी होता है। रक्षा बंधन के खास त्योहार पर इस बहन ने राखी के धागे के साथ अपने भाई को जीवन का एक अनमोल उपहार सौंप दिया है। यह पूरा मामला अब अंगदान की महत्ता और एक ही परिवार के सदस्यों के बीच आपसी सहयोग की एक बहुत बड़ी प्रेरक मिसाल बन चुका है।

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