फरीदाबाद ने स्वच्छता सर्वेक्षण में हासिल की 14वीं रैंक, वायु गुणवत्ता में हुआ बड़ा सुधार

फरीदाबाद ने स्वच्छता सर्वेक्षण में हासिल की 14वीं रैंक, वायु गुणवत्ता में हुआ बड़ा सुधार

फरीदाबाद वासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहर ने 14वीं रैंक हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। यह सफलता क्षेत्र के विधायक एवं हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के निरंतर प्रयासों और उनके नेतृत्व में चलाए गए अभियानों का परिणाम मानी जा रही है।

चार वर्षों में लगातार हुआ रैंकिंग में सुधार

पिछले चार वर्षों में फरीदाबाद की रैंकिंग में लगातार सुधार दर्ज हुआ है। वर्ष 2023 में शहर 47वें स्थान पर था। यह स्थान 2024 में सुधरकर 21वें, 2025 में 19वें और अब 2026 में 14वें स्थान पर पहुंच गया है। इस तरह चार वर्षों में कुल 33 पायदान का सुधार हुआ है। यह विपुल गोयल के नेतृत्व में हुए निरंतर प्रयासों का स्पष्ट प्रमाण है।

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धूल नियंत्रण और सफाई व्यवस्था के लिए विशेष प्रयास

विपुल गोयल की पहल पर नगर निगम ने धूल नियंत्रण के लिए बड़ी संख्या में एंटी स्मॉग गन से छिड़काव करवाया। इससे हवा में मौजूद धूल के कणों को कम करने में मदद मिली। उनके निर्देशन में सड़कों की नियमित सफाई और रोड स्वीपिंग व्यवस्था को बेहतर किया गया। इसमें संकरी गलियों से लेकर प्रमुख चौड़ी सड़कों तक सफाई अभियान को प्राथमिकता में रखा गया।

हरियाली बढ़ाने और हरित क्षेत्र विकसित करने के कार्य

इसके साथ ही उनके प्रोत्साहन से शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण और हरित क्षेत्र विकसित करने के कार्य किए गए। इसी क्रम में इको वन और नमो वन जैसी योजनाओं की शुरुआत विपुल गोयल के नेतृत्व में हुई। नमो वन को फरीदाबाद के सबसे बड़े हरित गलियारे के रूप में विकसित किया गया। इसके तहत कूड़े से भरे हरित पट्टी क्षेत्रों को शहरी वन में बदला गया। जिले की सीमाओं के साथ बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर इसे शहर के लिए ऑक्सीजन क्षेत्र के रूप में तैयार किया गया।

इको वन और पेवमेंट वर्क से संवरा शहर

वहीं इको वन को टाउन पार्क जैसे सार्वजनिक स्थलों में विकसित किया गया। इसका उद्देश्य शहर को हरा भरा और स्वच्छ बनाना है। इसके साथ ही पेवमेंट वर्क के तहत सड़कों और खुले क्षेत्रों को व्यवस्थित करने के काम भी तेज हुए।

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