फरीदाबाद में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने की देता है प्रेरणा

फरीदाबाद जिला में जिला स्तरीय विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उनके साथ कार्यक्रम में फरीदाबाद जिलाध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल, बल्लभगढ़ जिलाध्यक्ष सोहन पाल, उपायुक्त यानी डीसी आयुष सिन्हा और सीईओ जिला परिषद शिखा भी मौजूद रही।
प्रदर्शनी का अवलोकन और दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के शुरुआत में सबसे पहले केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, जिलाध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल, सोहन पाल और उपायुक्त यानी डीसी आयुष सिन्हा ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर शिरकत की। उन्होंने सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके पश्चात विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के पीड़ितों को मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही उनकी याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया।
विभाजन की त्रासदी झेल चुके लोगों ने साझा किए अनुभव
इस विशेष कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी को अपनी आंखों से झेल चुके कैप्टन तुसलीदास, द्वारिका नाथ कथूरिया और प्रकाश लाल शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन सभी ने मंच पर आकर विभाजन के समय के अपने अनुभवों को सभी के साथ साझा किया। उन्होंने उस दौर की कठिनाइयों के बारे में बताया।
इतिहास की घटना और पीड़ितों के संघर्ष का स्मरण
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने अपने संबोधन में कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल इतिहास की एक सामान्य घटना का स्मरण मात्र नहीं है। यह उन लाखों लोगों की पीड़ा, संघर्ष और बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। देश विभाजन के दौरान इन लोगों को अपना घर, परिवार और अपना जीवन तक गंवाना पड़ गया था।
14 अगस्त 1947 के इतिहास और प्रधानमंत्री के निर्णय का जिक्र
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि 14 अगस्त 1947 की तारीख भारत के इतिहास का एक ऐसा क्षण है। इस दिन एक ओर जहां देश 200 वर्षों की लंबी गुलामी से स्वतंत्र होने जा रहा था। वहीं दूसरी ओर विभाजन की भयानक त्रासदी ने करोड़ों लोगों को गहरे दुःख और विस्थापन का सामना करने पर मजबूर कर दिया था। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 से प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का जो ऐतिहासिक निर्णय लिया, वह उन असंख्य पीड़ित परिवारों के प्रति राष्ट्र की एक संवेदनशील श्रद्धांजलि है।
प्रधानमंत्री के संदेश और इतिहास से सीख लेने पर जोर
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस महत्वपूर्ण संदेश का उल्लेख किया जिसमें कहा गया था कि देश के बंटवारे का दर्द कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है। नफरत और हिंसा के कारण ही अनगिनत लोगों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा था। उन्होंने जोर देकर कहा कि इतिहास केवल पढ़ने का विषय नहीं होता है, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने का एक माध्यम होता है।
जिला प्रशासन के आयोजन की सराहना और नागरिकों से आह्वान
उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किए गए इस गरिमामय कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका मिलती है। उन्होंने वहां मौजूद सभी नागरिकों से राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और भारत माता की सच्ची सेवा के लिए हमेशा समर्पित रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में अन्य गणमान्य व्यक्ति और छात्र-छात्राएं रहे मौजूद
इस अवसर पर सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा, डीआईपीआरओ मूर्ति दलाल, डीईओ विपिन गोयल, बीडीपीओ अंशु डागर और बीडीपीओ आरती सहित अन्य कई गणमान्य व्यक्तिगण भी उपस्थित रहे। इसके अलावा इस कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।