जींद: खनौरी-दाता सिंह वाला बार्डर पर पंजाब के किसानों ने टेंट लगाकर शुरू किया धरना

जींद: खनौरी-दाता सिंह वाला बार्डर पर पंजाब के किसानों ने टेंट लगाकर शुरू किया धरना

जींद में संयुक्त किसान मोर्चा के दिल्ली कूच को लेकर दूसरे दिन सोमवार को खनौरी-दाता सिंह वाला बॉर्डर पर पूरी तरह शांति बनी रही। बावजूद इसके किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए सील किए गए दातासिंह वाला बार्डर पर पुलिस बल पूरी तरह से अलर्ट मोड पर तैनात रहा। पंजाब की तरफ हो रही हलचलों पर भी पुलिस लगातार नजर बनाए हुए थी। पंजाब की तरफ धरना दे रहे किसानों के पास संगरूर की एसएसपी डा. रवजोत कौर ग्रेवाल और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे थे। इन अधिकारियों ने वहां धरना दे रहे किसानों के साथ बातचीत की। पुलिस ने पिछले दिन जिन किसानों को डिटेन किया था, उन सभी किसानों को भी अब छोड़ दिया गया है। हरियाणा के कुछ किसान नेता भी इस धरने में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।

बॉर्डर पर पुलिस की कड़ी निगरानी और यातायात व्यवस्था

हरियाणा पुलिस द्वारा बॉर्डर के पार चल रही सभी गतिविधियों पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जींद के एसपी कुलदीप सिंह भारी पुलिस बल के साथ लगातार बॉर्डर पर ही मौजूद रहे। बॉर्डर पूरी तरह से सील होने के कारण इस इलाके की यातायात व्यवस्था भी काफी हद तक प्रभावित हुई है। पंजाब की तरफ दिल्ली कूच करने वाले किसानों ने अब हाईवे पर टेंट लगाकर अपना पक्का धरना शुरू कर दिया है। सोमवार के दिन दलजीत सिंह डल्लेवाल समेत करीब दर्जनभर संगठनों के प्रमुख किसान नेता इस धरने पर मौजूद रहे। किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आपस में गहन मंथन भी किया। धरने के दौरान बीच-बीच में किसानों की तरफ से अपनी एकजुटता के नारे भी लगातार लगाए जा रहे थे। हालांकि बॉर्डर के पार किसानों की कुल भीड़ अभी ज्यादा बड़ी संख्या में जमा नहीं हो पाई है।

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किसान नेताओं की मुख्य मांगें और आगे की रणनीति

किसान नेताओं का साफ तौर पर कहना है कि सरकार के सामने उनकी सभी मांगें पहले ही पहुंच चुकी हैं। हरियाणा सरकार उन्हें राज्य में आगे एंट्री नहीं करने दे रही है। अब किसान इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि सरकार उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ने की अनुमति देती है या नहीं। इसके बाद ही किसान नेता अपनी कोई आगामी रणनीति तय करेंगे। किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने स्पष्ट किया है कि किसानों की यह पूरी यात्रा एक शांतिपूर्वक पैदल यात्रा है। किसानों का उद्देश्य किसी भी व्यवस्था को डिस्टर्ब करना बिल्कुल भी नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों की बातें और मांगें ऊपर तक पहुंचाई जानी चाहिए।

प्रमुख मांगें और पुरानी बातचीत की याद

किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने मीडिया के सामने किसानों की सभी मुख्य मांगें विस्तार से बताईं। उनकी सबसे मुख्य मांग यह है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए। इसके साथ ही किसानों को फसलों पर एमएसपी की गारंटी देने वाला कानून बनाया जाए और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए। पिछले किसान आंदोलन के दौरान उनकी केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ बातचीत चल रही थी। किसान नेता ने मांग की है कि बातचीत जहां पर टूटी थी, वहीं से इस प्रक्रिया को दोबारा से शुरू करवाया जाए।

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