खेतों से दिल्ली तक: खनौरी बॉर्डर पर किसान बचाओ पदयात्रा को हरियाणा पुलिस ने रोका

खेतों से दिल्ली तक: खनौरी बॉर्डर पर किसान बचाओ पदयात्रा को हरियाणा पुलिस ने रोका

संयुक्ता किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के बैनर तले किसानों ने 228 किलोमीटर लंबी 'किसान बचाओ पदयात्रा' शुरू की है। यह यात्रा दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचने के लिए बनाई गई है। किसानों की मांग है कि MSP की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी और पेंशन दी जाए। यह विरोध प्रदर्शन 16 अगस्त 2026 को शुरू हुआ था। वर्तमान में यह यात्रा खनौरी-डाटा सिंह वाला बॉर्डर पर रुकी हुई है। हरियाणा पुलिस ने राज्य में किसानों के प्रवेश को रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की है। इसमें कंक्रीट के ब्लॉक, वेल्डेड लोहे की संरचनाएं और कांटेदार तार शामिल हैं। इस पैदल यात्रा का नेतृत्व 51 मुख्य मार्चर कर रहे हैं। उनके साथ लगभग 200 समर्थक भी शामिल हैं। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने का अनुमति पत्र देने से इनकार कर दिया है। इसके कारण फतेहाबाद में लोगों को हिरासत में लिया गया है।

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का बयान

भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के प्रमुख किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने आधिकारिक रूप से दिल्ली की ओर मार्च को 28 अगस्त 2026 तक स्थगित कर दिया है। उन्होंने इसके बजाय खनौरी बॉर्डर के पंजाब साइड पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया है। डल्लेवाल ने हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री के साथ बैठक के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार की शिकायतों को दूर करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ सीधी बातचीत पर जोर दिया है। इन शिकायतों में प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करना भी शामिल है।

प्रशासन की मध्यस्थता और आगे की रणनीति

जींद की डिप्टी कमिश्नर वैशाली शर्मा द्वारा लगातार मध्यस्थता के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद स्थिति अभी भी गतिरोध बनी हुई है। किसान 29 अगस्त को जंतर-मंतर पर होने वाली अपनी निर्धारित महापंचायत तक राशन और जरूरी सामान के साथ बॉर्डर पर कैंप लगाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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