फतेहाबाद के भट्टू में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और दो बच्चों की पानी के कुंड में मिली लाश, पति पर केस दर्ज

भट्टू के मेहूवाला में दो बच्चों की मौत 9 वर्षीय बेटी ज्योति तथा 8 वर्षीय बेटे विनीत के शव घर के पास बने पानी के कुंड से बरामद
फतेहाबाद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और दो बच्चों की मौत, पानी के कुंड में मिले शव; पति पर केस, मोबाइल वीडियो की जांच
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फतेहाबाद /07 जुलाई 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स **
फतेहाबाद/भट्टूकलां। फतेहाबाद जिले के भट्टू क्षेत्र के गांव मेहूवाला में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और उसके दो बच्चों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुदेश और उसके करीब 9 वर्षीय बेटी ज्योति तथा 8 वर्षीय बेटे विनीत के शव घर के पास बने पानी के कुंड से बरामद हुए। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तीनों शवों को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल भिजवाया।
पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण डूबना बताया गया है, हालांकि पुलिस ने अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है। मामले में विसरा जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में किसी जहरीले या अन्य पदार्थ की कोई भूमिका थी या नहीं।
मोबाइल फोन में मिले वीडियो जांच का अहम हिस्सा
घटना के बाद पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाने के साथ सुदेश का मोबाइल फोन भी बरामद किया। पुलिस के मुताबिक मोबाइल में कुछ वीडियो मिले हैं, जिन्हें जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन वीडियो में सुदेश ने कथित तौर पर अपने पारिवारिक जीवन, मानसिक तनाव और घरेलू परेशानियों का उल्लेख किया है।
पुलिस के अनुसार, वीडियो में पति की ओर से कथित परेशानी और मारपीट का भी जिक्र सामने आया है। सुदेश ने घर की जिम्मेदारियां खुद संभालने और लगातार दबाव में रहने की बात कही थी। हालांकि पुलिस इन वीडियो में कही गई बातों को अन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयानों से मिलाकर जांच रही है।
सुदेश के भाई प्रवीण की शिकायत पर भट्टू कलां थाना पुलिस ने उसके पति संदीप के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत में घरेलू विवाद और कथित प्रताड़ना को घटना से जोड़ते हुए आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
थाना प्रभारी वीर सिंह के अनुसार मोबाइल से मिले वीडियो, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा जांच, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और परिजनों एवं अन्य लोगों के बयानों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस ने साफ किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी कारण को अंतिम नहीं माना जा सकता।
करीब 12 साल पहले हुआ था प्रेम विवाह
परिजनों के अनुसार सुदेश और संदीप ने करीब 12 वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। शादी के शुरुआती वर्षों में सुदेश का मायके पक्ष से संपर्क अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन बच्चों के जन्म के बाद परिवार से उनका आना-जाना बढ़ गया था।
बताया गया है कि परिवार पहले खेतों में बनी ढाणी में रहता था। करीब एक वर्ष पहले परिवार गांव में आकर रहने लगा था। संदीप की मां भी परिवार के साथ रहती थीं। दोनों बच्चों का दाखिला निजी स्कूल में कराया गया था। बेटी ज्योति चौथी कक्षा और बेटा विनीत तीसरी कक्षा में पढ़ रहा था।
परिवार और परिचितों के मुताबिक सुदेश बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित रहती थीं। वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के तौर पर काम करती थीं और परिवार की आर्थिक जरूरतों में भी योगदान देती थीं। बच्चों की पढ़ाई और घर की जिम्मेदारियों के बीच वह लगातार व्यस्त रहती थीं।
कुछ महीने पहले परिवार में मनाई गई थीं खुशियां
परिजनों के मुताबिक कुछ समय पहले तक परिवार में सामान्य माहौल था। 16 मई को बेटे विनीत का जन्मदिन मनाया गया था। इस मौके पर उसे साइकिल भी दी गई थी। इसके कुछ दिन बाद 24 मई को सुदेश और संदीप की शादी की सालगिरह भी मनाई गई थी।
इन पारिवारिक खुशियों के कुछ ही समय बाद सामने आई घटना ने परिजनों और ग्रामीणों को झकझोर दिया है। परिवार के लोगों का कहना है कि सुदेश पिछले कुछ समय से परेशान नजर आती थीं, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है।
सोशल मीडिया पर भी सक्रिय थीं सुदेश
सुदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भी सक्रिय थीं। उनके अकाउंट पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं और उन्होंने कई पोस्ट व रील साझा की थीं। इनमें बड़ी संख्या में पंजाबी गीतों पर बनाई गई रील शामिल थीं।
कुछ वीडियो में उनके बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य भी दिखाई देते हैं। सावन के दौरान साझा की गई एक रील में उनकी सास उन्हें हरी चूड़ियां पहनाती हुई नजर आती हैं। घटना से कुछ समय पहले आंगनबाड़ी कार्यालय में बैठकर बनाई गई एक रील भी सामने आई है, जिसमें दर्द भरा पंजाबी गीत इस्तेमाल किया गया था।
परिजनों के मुताबिक घटना से पहले सुदेश ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने अपनी परेशानियों और स्थिति का जिक्र किया। पुलिस इस वीडियो को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मानकर देख रही है।
पुलिस ने सभी पहलुओं से जांच शुरू की
घटना के बाद गांव में पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर जरूरी साक्ष्य जुटाए। आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ की गई। पुलिस ने मोबाइल फोन से मिली सामग्री को भी जांच में शामिल किया है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घटना से पहले सुदेश की गतिविधियां क्या थीं, वह किन परिस्थितियों से गुजर रही थीं और परिवार के सदस्यों के साथ उनके संबंध किस स्थिति में थे। मोबाइल फोन की सामग्री, वीडियो, कॉल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम से सामने आने वाले तथ्यों को शिकायत और बयानों के साथ मिलाकर देखा जाएगा।
बच्चों की मौत ने ग्रामीणों को झकझोरा
सुदेश के साथ दोनों छोटे बच्चों की मौत ने गांव के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर और बाद में अस्पताल पहुंचे। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को लेकर किसी ने कभी ऐसी स्थिति की कल्पना नहीं की थी। दोनों बच्चे स्कूल में पढ़ते थे और परिवार के साथ सामान्य जीवन जी रहे थे। एक साथ तीन मौतों की खबर से पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि घटना के पीछे जो भी परिस्थितियां रही हों, उनकी पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
घरेलू तनाव और मानसिक दबाव पर भी उठे सवाल
यह घटना एक परिवार की त्रासदी के साथ-साथ घरेलू तनाव, महिलाओं पर पारिवारिक जिम्मेदारियों के दबाव और मानसिक परेशानियों जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों की ओर भी ध्यान खींचती है। हालांकि इस मामले में किसी भी कारण को अभी अंतिम रूप से स्थापित नहीं किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक तनाव, पारिवारिक विवाद या अकेलेपन से गुजर रहे व्यक्ति के व्यवहार में बदलाव दिखाई दे सकता है। ऐसे समय में परिवार और आसपास के लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। समय रहते बातचीत और सहायता उपलब्ध कराना कई गंभीर परिस्थितियों को रोकने में मदद कर सकता है।
साथ ही, घरेलू हिंसा या प्रताड़ना से संबंधित किसी भी शिकायत को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। परिवार, समाज और संबंधित संस्थाओं को ऐसी शिकायतों पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है।
जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सुदेश के भाई की शिकायत पर पति संदीप के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि मोबाइल में मिले वीडियो को भी अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर देखा जा रहा है। केवल किसी वीडियो या बयान के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट भी जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी।
मेहूवाला गांव में घटना के बाद से शोक का माहौल है। ग्रामीण परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी मामले की जांच में सहयोग का भरोसा दिया गया है।
फिलहाल इस मामले में कई सवालों के जवाब पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही सामने आ सकेंगे। इसलिए घटना को लेकर किसी भी तरह के अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार करना जरूरी है।