बेलरखा गांव में स्वास्थ्य विभाग ने चलाया फीवर मास सर्वे अभियान, मलेरिया और डेंगू की जांच के लिए लिए गए ब्लड सैंपल

बेलरखा गांव में स्वास्थ्य विभाग ने चलाया फिवर मास सर्वे अभियान
स्वास्थ्य विभाग टीम ने बेलरखा गांव में मलेरिया व डेंगू की जांच के लिए ब्लड सैंपल
नरेंद्र जेठी /नरवाना / 8 सितंबर2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
बेलरखा गांव में स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए एक विशेष फीवर मास सर्वे अभियान चलाया है। ग्रामीण क्षेत्र में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। प्रवर चिकित्सा अधिकारी संदीप ढांडा के निर्देशानुसार आज ग्राम बेलरखा में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यह अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव में बुखार के मरीजों की पहचान करना और लोगों को मच्छरों से बचाव के प्रति जागरूक करना है।
अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर सर्वे किया और बुखार के पीड़ितों के ब्लड सैंपल लिए। जिन भी ग्रामीणों को बुखार की शिकायत थी, उनके मलेरिया व डेंगू की जांच के लिए ब्लड सैंपल लिए गए। इन सैंपलों को जांच के लिए सरकारी लैब में भेजा गया है ताकि समय रहते बीमारी का पता लगाकर मरीज का उचित इलाज शुरू किया जा सके। टीम ने गांव में सोर्स रिडक्शन गतिविधियां भी चलाईं और लोगों को जागरूक किया।
एमपीएचडब्ल्यू प्रदीप भारद्वाज ने ग्रामीणों को घरों के आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि घरों के आसपास या छतों पर रखे पुराने टायर, टूटे-फूटे बर्तन, कूलर और गमलों में पानी बिल्कुल भी जमा न होने दें। रुका हुआ साफ पानी ही डेंगू के मच्छरों का पनपने का मुख्य स्थान होता है। ग्रामीणों को सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर और पानी के बर्तनों को सुखाकर साफ करने ड्राई डे मनाने की सलाह दी गई।
एमपीएचडब्ल्यू फीमेल रितु शर्मा ने बताया कि बरसात के मौसम के बाद मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि किसी को भी तेज बुखार, सिरदर्द या बदन दर्द की शिकायत हो, तो वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर मुफ्त जांच करवाएं। स्वास्थ्य कर्मी सुरेश अत्रि ने मौसम में बदलाव और जलभराव के कारण डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ने की जानकारी दी।
स्वास्थ्य कर्मियों ने डेंगू और मलेरिया के प्रमुख लक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अचानक तेज बुखार आना (104 एफ तक), आंखों के पीछे गंभीर दर्द होना, जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द होना जिसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं, त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना और लगातार उल्टी या जी मिचलाना डेंगू के लक्षण हैं। गंभीर स्थिति में नाक से खून आना भी डेंगू के लक्षण हैं। ठंड और कंपन के साथ तेज बुखार आना, बुखार का एक निश्चित समय पर चढ़ना और उतरना, बुखार उतरने के बाद तेज पसीना आना, सिरदर्द और अत्यधिक कमजोरी महसूस होना मलेरिया के लक्षण हैं। मलेरिया प्लाज्मोडियम नाम के परजीवी से होता है जिसे मादा एनोफिलीज मच्छर फैलाती है।
स्वास्थ्य विभाग ने फिवर मास सर्वे के लिए आने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करने की अपील की है। जागरूकता ही इन बीमारियों से बचने का सबसे बड़ा हथियार है। इस मौके पर आशा वर्कर अनीता, सुनीता, नीलम, कुसुम शर्मा, सरला, रीना और बबली मौजूद रहीं।