FIR के बाद भी मुकदमेबाजी से कैसे बचे गूगल के CEO सुंदर पिचाई?

FIR के बाद भी मुकदमेबाजी से कैसे बचे गूगल के CEO सुंदर पिचाई? पढ़ें Inside Story

Google CEO Sundar Pichai व अन्य 17 लोगों के खिलाफ वाराणसी के थाना भेलूपुर में 6 फरवरी 2021 को मुकदमा दर्ज किया गया था. एफआईआर अदालत के आदेश पर दर्ज हुई थी. मामले की जांच अभी जारी है.

Sanjeev chauhan

How did Google CEO Sundar Pichai survive litigation even after the FIR? Read Inside Story

A lawsuit was filed against Google CEO Sundar Pichai and 17 others at Bhelupur police station in Varanasi on 6 February 2021. The FIR was registered on the orders of the court. The investigation of the case is still going on.

 


गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई (Google CEO Sundar Pichai) मुकदमेबाजी कोर्ट, कचहरी के लफड़ों में फंसते-फंसते बिल्कुल किनारे पहुंच बच गये. वरना उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए, पीड़ित ने अपने स्तर पर कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी थी. हर हाल में गूगल सीईओ को कानूनी पचड़े में घेरने पर तुला बैठा शिकायतकर्ता, पहले तो पुलिस दफ्तरों के चक्कर काटता रहा. जब पुलिस दफ्तरों में सुनवाई नहीं हुई तो, वो सीधा अदालत चला गया. अदालत के सामने बेबस हुई पुलिस को अंतत: सुंदर पिचाई, एक भोजपुरी गायक सहित कई के अन्य के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करना ही पड़ा.

टीवी9 भारतवर्ष से बात करते हुए मुकदमा दर्ज किये जाने की पुष्टि, भेलूपुर सब-डिवीजन के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) चक्रपाणी त्रिपाठी ने की है. सीओ के मुताबिक, ” सुंदर पिचाई व अन्य लोगों के खिलाफ वाराणसी के थाना भेलूपुर में 6 फरवरी 2021 को मुकदमा दर्ज किया गया था. एफआईआर अदालत के आदेश पर दर्ज हुई थी. फिलहाल मामले की तफ्तीश अभी जारी है. ऐसे में कुछ ठोस कह देना जल्दबाजी होगी. एफआईआर दर्ज हो जाने भर से कोई, मुजरिम करार नहीं दिया जा सकता है.”
दर्ज एफआईआर में नामजद थे Google के CEO
सीओ ने आगे कहा, “एफआईआर में गूगल सीओ सहित कुल 18 लोग नामजद थे. यह मुकदमा शिकायतकर्ता गिरिजा शंकर जायसवाल के बयान पर दर्ज किया गया है. शिकायतकर्ता का कहना था कि, उसके व्हाट्सएप ग्रुप पर एक आपत्तिजनक वीडियो आया था. वीडियो से लग रहा था कि, वो भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने के इरादे से ही बनाकर, वायरल करवाया-कराया जा रहा है. क्योंकि वीडियो में मौजूद सामग्री आपत्तिजनक थी.” दर्ज मुकदमे में शिकायतकर्ता ने गायक विशाल गाजीपुरी उर्फ विशाल सिंह बादल को भी घेरा है. आरोप के मुताबिक, विशाल सिंह बादल से भी शिकायतकर्ता ने आपत्ति दर्ज कराने की कोशिश की थी.

इस पर गायक ने शिकायतकर्ता के ही खिलाफ जान से मारने की धमकी का मुकदमा कायम करवा दिया. साथ ही गूगल सीईओ सुंदर पिचाई के अन्य 17 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले शख्स के आरोप के मुताबिक, आरोपी गायक विशाल ने उसका नंबर (शिकायतकर्ता गिरिजा शंकर जायसवाल) यूट्यूब पर भी डाल दिया. नंबर यूट्यूब पर अपलोड किये जाते ही शिकायतकर्ता को आठ हजार से भी ज्यादा धमकी भरी कॉल्स आ गयीं. गूगल सीईओ सुंदर पिचाई को कोर्ट में घसीटने की जुर्रत करने वाले शख्स ने एफआईआर में कहा है कि, उसके द्वारा शिकायत में नामजद गायक व उसके सहयोगी अब से पहले भी तमाम आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर चुके हैं.

इसलिए पीड़ित पहुंचा था अदालत
इन सभी वीडियो में निशाना पीएम मोदी ही हैं. पुलिस के मुताबिक, इस तरह के विवादित वीडियो अपलोड करने के बाद, अवैध वसूली का धंधा शुरु होता है. शिकायतकर्ता की बात अगर मानी जाये, तो वह कई बार एसएसपी वाराणसी से भी मिला था. ताकि अपने मन की बात उनसे बता सके. जब एसएसपी के यहां से कोई सकारात्मक जबाब नहीं मिला, तो वो कोर्ट चला गया. इस बारे में टीवी9 भारतवर्ष संवाददाता ने सीओ भेलूपुर चक्रपाणि त्रिपाठी से विस्तृत बात की. उन्होंने कहा, “आरोपों की गंभीरता से जांच चल रही है. हां, अब तक जो जांच हुई है, उसमें गूगल सीईओ सुंदर पिचाई की कहीं कोई संदिग्ध भूमिका नहीं मिली. लिहाजा मुकदमे से उनके सहित कुछ अन्य लोगों का भी नाम अलग कर दिया गया है. बाकी 18 में से एफआईआर में नामजद बजे अन्य 14 लोगों के खिलाफ आरोपों की जांच जारी है.”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *