फायर व सफाई कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल 8वें दिन भी जारी, लाडवा में सरकार के खिलाफ फूटा गुस्सा

फायर व सफाई कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल आठवें दिन जारी रही
लाडवा, 13 अगस्त(मानव गर्ग):
लाडवा में फायर व सफाई कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल आठवें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर रोष जताया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जा सकता है। हड़ताल की अध्यक्षता नगरपालिका कर्मचारी संघ के इकाई वरिष्ठ उपप्रधान सरवन व फायर विभाग के ब्लॉक सचिव हाकम सिंह ने की।
राज्य सचिव मंजीत भुल्लर ने कहा कि 13 मई को सरकार और कर्मचारियों के बीच हुए द्विपक्षीय समझौते में कई मांगों पर सहमति बनी थी। कर्मचारियों की मांग है कि समझौते में मानी गई सभी मांगों को बिना किसी शर्त लागू किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मांगों को लागू करने के बजाय जॉब सिक्योरिटी का पत्र जारी कर नियमितीकरण से पीछे हट रही है, जिससे कर्मचारियों में रोष है।
उन्होंने कहा कि सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में कर्मचारी लगातार हड़ताल कर रहे हैं। 12, 13, 14 और 15 अगस्त को भी राज्यव्यापी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया गया है। यदि इसके बाद भी सरकार ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं नगरपालिका कर्मचारी संघ की उपप्रधान रानी देवी ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के लिए स्थायी नौकरी की व्यवस्था नहीं है और ग्रुप-डी के पदों पर भी सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की जा रही। उन्होंने मांग की कि सफाई कर्मचारियों की स्थायी भर्ती की जाए और कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार को करीब 12 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के लिए ठोस नीति नहीं बनाई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे हजारों कर्मचारियों के भविष्य पर अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं रानी देवी ने कहा कि द्विपक्षीय वार्ता में पे-रोल फायरमैन और चालकों को नियमित सरकारी नौकरी देने तथा मानी गई मांगों को 30 जून तक लागू करने का आश्वासन दिया गया था।
इसके अलावा फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद दमकल कर्मचारियों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नियमित सरकारी नौकरी, भविष्य में ऐसी घटनाओं के लिए स्थायी नीति बनाने, पे-रोल फायरमैन एवं चालकों को नियमित करने और पिछले पांच वर्षों के वेतन वृद्धि एरियर का भुगतान करने जैसी मांगों पर सहमति बनी थी।
उन्होंने बताया कि पांच वर्ष से कम सेवा वाले कौशल निगम कर्मचारियों को पे-रोल पर लेकर रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, दमकल कर्मचारियों को 5 हजार रुपये मासिक जोखिम भत्ता और पुलिस की तर्ज पर 7500 रुपये वर्दी भत्ता देने तथा नियमित कर्मचारियों को ऑनलाइन ट्रांसफर नीति में राहत देने की मांग भी शामिल थी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो हरियाणा के नियमित, पे-रोल और एचकेआरएनएल दमकल कर्मचारी आंदोलन को और तेज करेंगे। जरूरत पडऩे पर चार दिवसीय हड़ताल को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जा सकता है। मौके पर जिला सचिव संदीप नरवाल, सुरेश गुड़ा, सरवन, राजकुमार, ललित, अमित, परमजीत, ऋषि पाल, ब्लॉक प्रधान मंजीत, तरसेम कुमार, सुनीता, कुलदीप, सतबीर, राजबीर, अभिनव, यशविंदर आदि मौजूद थे।