शुकतीर्थ में गंगा खतरे के निशान के पार, पुल से आवागमन बंद और खादर क्षेत्र का संपर्क कटा

शुकतीर्थ में गंगा खतरे के निशान के पार, पुल से आवागमन बंद
मोरना क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा व सोलानी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रसिद्ध पौराणिक तीर्थनगरी शुकतीर्थ में गंगा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। खतरे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने शुकतीर्थ स्थित गंगा पुल पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया है। इस कारण खादर क्षेत्र का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह से कट गया है। यह पूरी जानकारी फोटो समाचार के माध्यम से सामने आई है।
गंगा का जलस्तर और केंद्रीय जल बोर्ड की रिपोर्ट
सोमवार को पौराणिक तीर्थनगरी शुकतीर्थ में गंगा का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ा। केंद्रीय जल बोर्ड के गेज रीडर प्रीतम सिंह के अनुसार, सोमवार को गंगा का जलस्तर 226.70 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से करीब 20 सेंटीमीटर ऊपर है। इसके अलावा, सोमवार दोपहर तक शुकतीर्थ में 18 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है। गंगा का पानी लगातार पुल की ऊपरी सतह से टकरा रहा है।
नदियों का पानी खेतों और सड़कों पर फैला
गंगा व सोलानी नदी का पानी आसपास के खेतों में फैल चुका है। मोरना-लक्सर मार्ग पर मजलिसपुर तौफीर, महाराज नगर, खैर नगर व सीताबपुरी में कई स्थानों पर पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है। उत्तराखंड बॉर्डर क्षेत्र में भारी जलभराव के कारण शिवभक्तों को भी गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ा है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था
क्षेत्राधिकारी लक्ष्मण सिंह वर्मा ने इस स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि शिवरात्रि के दृष्टिगत शुकतीर्थ में गंगा स्नान घाट और गंगा बांध से नौवें ठोकर प्वाइंट तक पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन लगातार गंगा के जलस्तर और पूरे इलाके की स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।