हिसार कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े गैंगवार, पेशी पर आए कुख्यात गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा की गोली मारकर हत्या

हिसार कोर्ट परिसर में गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब पेशी पर आए कुख्यात गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा पर बाइक सवार दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस दिनदहाड़े हुई गैंगवार में काणा की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी भी गोली लगने से घायल हुए हैं। वारदात के दौरान करीब 14 राउंड फायरिंग होने की बात सामने आई है। गोलियों की आवाज सुनते ही कोर्ट परिसर में भगदड़ मच गई। अधिवक्ता, पक्षकार और अन्य लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। 14 राउंड फायरिंग से कोर्ट परिसर में पूरी तरह भगदड़ मच गई थी।
भाग रहे हमलावरों में से एक को काणा के साथियों ने तुरंत दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक हांसी जिले के थुराना निवासी विनोद पानू उर्फ काणा गुरुवार दोपहर करीब दो बजे फॉर्च्यूनर गाड़ी से अपने साथियों के साथ कोर्ट में पेशी के लिए पहुंचा था। उसने अपनी गाड़ी कोर्ट के पार्किंग एरिया में खड़ी की और अपने साथियों के साथ कोर्ट गेट की ओर आगे बढ़ा। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार दो बदमाशों ने काणा को निशाना बनाते हुए अचानक गोलियां बरसा दीं। इस हमले में काणा और उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
फायरिंग की इस घटना के बाद दोनों हमलावर अपनी बाइक पर सवार होकर भागने लगे, लेकिन काणा के साथियों ने उनका बहादुरी से पीछा किया। पार्किंग एरिया के पास उन्होंने उनमें से एक हमलावर को पकड़ लिया और तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने विनोद पानू उर्फ काणा को मृत घोषित कर दिया। एएसपी मयंक मुदगिल ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि फायरिंग करने वाले एक आरोपी को पकड़ लिया गया है, हालांकि उसकी पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस अब दूसरे हमलावर की तलाश कर रही है और साथ ही वारदात के पीछे की असली वजह तथा इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाने में पूरी तरह जुटी हुई है।
कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
हिसार बार प्रधान प्रदीप बाजिया ने कोर्ट परिसर में हुई इस फायरिंग की घटना को पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की बहुत बड़ी विफलता बताया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट परिसर के भीतर कड़ी सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, इसके बावजूद बदमाश आसानी से हथियार लेकर अंदर पहुंच गए और दिनदहाड़े एक गैंगस्टर पर गोलियां चलाकर चले गए। उन्होंने कहा कि जब पुलिस को पहले से ही गैंगवार की पूरी आशंका थी और दोनों पक्षों के कोर्ट में आने की पक्की जानकारी थी, तो सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता क्यों नहीं किया गया। उन्होंने प्रदेशभर में लगातार सामने आ रही गैंगवार की ऐसी घटनाओं पर भी अपनी गहरी चिंता जताई है।
काणा पर दर्ज थे कुल 31 आपराधिक मामले
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा पर करीब 31 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस के अनुसार दिल्ली-एनसीआर समेत कई अन्य इलाकों में उसका बड़ा आपराधिक प्रभाव फैला हुआ था। सीआईए की टीम ने उसे वर्ष 2017 में झज्जर के भड़ावास क्षेत्र से बड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया था। उस समय उस शातिर अपराधी पर पूरे सात लाख रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने काणा के साथ उसके सात अन्य साथियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। इनमें मकोका से फरार और पैरोल जंपर मोस्टवांटेड अपराधी रेढ़ूवास निवासी धीरपाल भी शामिल था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने इनके कब्जे से दो रिवॉल्वर, एक कार्बाइन, दो 12 बोर की बंदूकें, तीन पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए थे। पुलिस के मुताबिक यह पूरा खतरनाक गिरोह मंजीत गैंग के प्रदीप सोलंकी की हत्या करने की बड़ी साजिश रच रहा था।
विधायक के पीए के भतीजे की हत्या में भी आया था नाम
विनोद पानू उर्फ काणा का नाम हिसार के बेहद चर्चित संजय उर्फ बिट्टू शर्मा हत्याकांड में भी प्रमुखता से सामने आया था। पुलिस के अनुसार 24 जनवरी को पुष्पा कॉम्प्लेक्स स्थित अपने ही कार्यालय में बैठे प्रॉपर्टी डीलर संजय उर्फ बिट्टू शर्मा की गोलियां मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उस समय उनके साथ लाडवा निवासी उनके बिजनेस पार्टनर सतेंद्र पूनिया भी मौके पर मौजूद थे। इस मामले में मुख्य आरोप यह था कि इस सनसनीखेज हत्याकांड को विनोद पानू उर्फ काणा और उसके साथियों ने ही मिलकर अंजाम दिया था। मृतक संजय शर्मा के चाचा ललित शर्मा, हिसार की मौजूदा विधायक सावित्री जिंदल के पर्सनल असिस्टेंट (पीए) हैं। हिसार कोर्ट परिसर में हुई इस अत्यंत सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक बढ़ा दिया है। पुलिस अब फरार चल रहे दूसरे हमलावर की तलाश करने के साथ-साथ यह भी गंभीरता से पता लगाने में जुटी है कि काणा की इस हत्या के पीछे असल में किस गैंग का हाथ है और इस पूरी वारदात की खतरनाक साजिश किसने रची थी।