सोनीपत के गन्नौर में पीजीआई और एम्स का सैटेलाइट सेंटर खोलने की उठी मांग, विधायक कादियान ने विधानसभा में रखा मुद्दा

सोनीपत के गन्नौर में पीजीआई और एम्स का सैटेलाइट सेंटर खोलने की उठी मांग, विधायक कादियान ने विधानसभा में रखा मुद्दा

हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान गन्नौर से विधायक देवेंद्र कादियान ने एक बड़ी मांग उठाई है। उन्होंने गन्नौर में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान यानी पीजीआई और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स का उप-केंद्र यानी सैटेलाइट सेंटर खोलने की मांग की है। विधायक देवेंद्र कादियान ने यह मांग नेशनल हाईवे-44 पर होने वाले सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने के लिए उठाई है।

विधायक देवेंद्र कादियान ने सदन में क्या तर्क दिए

विधायक देवेंद्र कादियान ने विधानसभा सदन में बातचीत करते हुए कहा कि नेशनल हाईवे-44 पर आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। इन हादसों में गंभीर रूप से घायल होने वाले मरीजों को इलाज के लिए खानपुर, दिल्ली या चंडीगढ़ रेफर करना पड़ता है। समय पर उचित उपचार नहीं मिलने की वजह से कई बार मरीजों की जान चली जाती है। ऐसी गंभीर स्थिति को देखते हुए हाईवे के नजदीक सैटेलाइट सेंटर होना बेहद जरूरी है।

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अन्य राज्यों के उदाहरण और गन्नौर की स्थिति

विधायक कादियान ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब के संगरूर और फिरोजपुर तथा हिमाचल प्रदेश के ऊना में ऐसे सैटेलाइट सेंटर सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। गन्नौर भी नेशनल हाईवे-44 पर ही स्थित है। गन्नौर में यह सेंटर बनने से केवल गन्नौर के लोगों को ही फायदा नहीं मिलेगा, बल्कि इस हाईवे से सटी हुई आसपास की कई विधानसभा क्षेत्रों की आबादी को भी आपात स्थिति में तुरंत उपचार मिल सकेगा।

स्वास्थ्य मंत्री आरती राव का जवाब

विधायक की इस मांग पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने सदन को बताया कि सोनीपत जिले में पहले से ही मेडिकल कॉलेज मौजूद है। इसके अलावा एम्स झज्जर और एक नया एम्स रेवाड़ी में भी बनने जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में गन्नौर में एक अलग से सैटेलाइट सेंटर खोलना संभव नहीं है।

जमीन मुहैया कराने की तैयारी और मंत्री का आश्वासन

स्वास्थ्य मंत्री के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक कादियान ने कहा कि यदि सरकार को इसके लिए जमीन की जरूरत है, तो वे हाईवे पर बड़ी में जमीन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। विधायक ने यह भी कहा कि पहले इस क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर की मांग उठाई गई थी, लेकिन अब सैटेलाइट सेंटर की जरूरत उससे भी ज्यादा जरूरी हो गई है। हाईवे पर गंभीर हादसा होने के बाद शुरुआती उपचार के लिए मरीज को बहुत दूर ले जाना पड़ता है। उन्होंने सैटेलाइट सेंटर की अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि इससे समय पर इलाज मिलने से कई लोगों की बहुमूल्य जान बचाई जा सकती है। अंत में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने इस पूरे मामले को देखने का आश्वासन दिया है।

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