गीता गांधी किंगडन के CMS की 13 शाखाएं और हेड ऑफिस अग्नि जोखिम में, 5 में से 4 कैम्ब्रिज कैंपस अग्नि सुरक्षा मानकों में विफल

गीता गांधी किंगडन के CMS की 13 शाखाएं और हेड ऑफिस अग्नि जोखिम में, 5 में से 4 कैम्ब्रिज कैंपस अग्नि सुरक्षा मानकों में विफल

लखनऊ के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान सिटी मॉन्टेसरी स्कूल यानी CMS की कई शाखाओं में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सामाजिक, RTI और IGRS कार्यकर्ता उर्वशी शर्मा द्वारा की गई शिकायतों के बाद सामने आई निरीक्षण रिपोर्टों ने इन सवालों को और अधिक गंभीर बना दिया है।

उर्वशी शर्मा की शिकायतों पर हुई जांच के अनुसार CMS की कुल 13 शाखाओं और हेड ऑफिस में गंभीर अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आई हैं। इससे भी अधिक चिंताजनक तथ्य यह है कि CMS के कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन कार्यक्रम के 5 में से 4 कैंपसों में अनिवार्य अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन में गंभीर कमियां पाई गई हैं।

आग के खतरे वाले CMS कैम्ब्रिज कैंपस

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जांच रिपोर्ट के अनुसार आग के खतरे वाले CMS कैम्ब्रिज कैंपसों में गोल्फ सिटी कैंपस, गोमती नगर 1 कैंपस, गोमती नगर एक्सटेंशन वरदान खंड कैंपस और राजाजीपुरम 1 कैंपस शामिल हैं। इन परिसरों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई है।

आग के खतरे वाले अन्य CMS कैंपस

अन्य आग के खतरे वाले CMS कैंपसों में अलीगंज कैंपस, अशर्फाबाद कैंपस, चौक कैंपस, इंदिरानगर कैंपस और जानकीपुरम कुर्सी रोड कैंपस शामिल हैं। इनके अलावा राजेंद्र नगर कैंपस, स्टेशन रोड कैंपस, अयोध्या रोड कैंपस, शालीमार वनवर्ल्ड कैंपस और नवनिर्मित हेड ऑफिस भी इस सूची में शामिल हैं।

इन खुलासों का महत्व लखनऊ में हुई अलीगंज की भयावह अग्नि त्रासदी के बाद और अधिक बढ़ जाता है। उस घटना ने उन इमारतों में अग्नि सुरक्षा की अनदेखी के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया था जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं।

CMS लखनऊ में 20 से अधिक कैंपस संचालित करने और हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने वाला संस्थान है। CMS की ओर से अपनी वेबसाइट और सार्वजनिक सामग्री में कैंपसों में सुरक्षा एवं संरक्षा समितियों, पर्यावरण स्वास्थ्य एवं सुरक्षा अधिकारी, अग्नि निकासी अभ्यास और अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया है।

यही कारण है कि CMS द्वारा सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित सुरक्षा मानकों और उर्वशी शर्मा की शिकायतों से सामने आई कथित कमियों के बीच का अंतर अब गंभीर सार्वजनिक सवाल बन गया है।

सुरक्षा के सवाल पर पीछे हटने को तैयार नहीं उर्वशी शर्मा

उर्वशी शर्मा लंबे समय से यह सवाल उठाती रही हैं कि क्या किसी शैक्षणिक संस्थान की प्रतिष्ठा, विस्तार और व्यावसायिक हित बच्चों की शारीरिक सुरक्षा से ऊपर हो सकते हैं। उनका अभियान केवल सोशल मीडिया या सार्वजनिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा है।

उन्होंने IGRS के माध्यम से संबंधित सरकारी अधिकारियों के समक्ष शिकायतें दर्ज कराकर जांच और सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है। उनका तर्क बिल्कुल स्पष्ट है कि विद्यालय केवल शिक्षा देने का स्थान नहीं होता है।

यह वह स्थान है जहां हजारों बच्चे प्रतिदिन कई घंटे बिताते हैं इसलिए अग्नि सुरक्षा अनुपालन को केवल एक औपचारिक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं माना जा सकता है। 13 CMS शाखाओं और हेड ऑफिस से संबंधित निष्कर्षों ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि इन कमियों को समय रहते दूर क्यों नहीं किया गया।

कैम्ब्रिज कैंपस विशेष जांच के घेरे में

विवाद का सबसे गंभीर पहलू CMS के कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन कार्यक्रम से जुड़े परिसरों को लेकर सामने आया है। CMS के अपने विवरण के अनुसार लखनऊ में पांच कैम्ब्रिज कैंपस संचालित होते हैं।

इनमें अलीगंज कैंपस 1, गोल्फ सिटी कैंपस, गोमती नगर एक्सटेंशन, गोमती नगर कैंपस 1 और राजाजीपुरम कैंपस 1 शामिल हैं। निरीक्षण रिपोर्टों के अनुसार इन पांच में से चार कैम्ब्रिज कैंपसों में अनिवार्य अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन में गंभीर कमियां पाई गई हैं।

उर्वशी शर्मा का कहना है कि यह अत्यंत गंभीर विषय है क्योंकि कैम्ब्रिज शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। ऐसे में अधिक शुल्क देने वाले अभिभावकों को यह अपेक्षा करने का पूरा अधिकार है कि जिन भवनों में उनके बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं वहां सभी अनिवार्य अग्नि और भवन सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन हो।

मामला केवल अग्निशमन यंत्रों या मॉक ड्रिल तक सीमित नहीं है बल्कि वास्तविक प्रश्न यह है कि क्या सभी अनिवार्य मानकों का लगातार पालन किया जा रहा है।

पैसा बनाम सुरक्षा का सवाल

शर्मा ने CMS प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने CMS नेतृत्व से जुड़ी प्रमुख हस्तियों, भारती गांधी और गीता गांधी किंगडन पर आरोप लगाया है कि छात्रों की सुरक्षा के हितों की तुलना में निजी लाभ और संस्थागत विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है।

शर्मा द्वारा उठाया गया मूल सार्वजनिक हित का यह सवाल बेहद महत्वपूर्ण है। जब अभिभावक विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के लिए भारी शुल्क का भुगतान करते हैं तो वे केवल शिक्षा नहीं खरीद रहे होते हैं बल्कि अपने बच्चों को प्रतिदिन कई घंटों के लिए संस्थान की जिम्मेदारी में सौंप रहे होते हैं।

इसलिए प्रबंधन की जिम्मेदारी केवल परीक्षा परिणाम, अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम, शानदार आधारभूत संरचना और संस्थागत प्रतिष्ठा तक सीमित नहीं हो सकती है। किसी भी शैक्षणिक उपलब्धि की कीमत किसी बच्चे की जान नहीं हो सकती है।

एक गंभीर विरोधाभास

CMS ने शिक्षा, वैश्विक नागरिकता और छात्र कल्याण के क्षेत्र में एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। संस्थान अपनी सार्वजनिक सामग्री में उच्च मानकों का दावा करता है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान करती है।

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