गुलजार सिंह की आत्महत्या ने नशों पर 'आप' सरकार की विफलता को उजागर किया: राजा वड़िंग

गुलजार सिंह की आत्महत्या ने नशों पर ‘आप’ सरकार की विफलता को उजागर किया: वड़िंग
पंजाब कांग्रेस नशा विरोधी अभियान तेज करेगी, चीमा की बर्खास्तगी की मांग की
सचिन पायलट के नेतृत्व में पार्टी 15 सितंबर को चंडीगढ़ में विशाल विरोध प्रदर्शन करेगी
कहा: भगवंत मान अब पिछली सरकारों को नशों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते
चंडीगढ़ /13 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आम आदमी पार्टी सरकार पर राज्य में नशों की समस्या पर काबू पाने में विफल रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के खिलाफ आवाज उठाने वालों को डरा-धमकाकर चुप करवाया जा रहा है, जिसका खामियाजा गुलजार सिंह जैसे लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान अब नशों की समस्या के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते हैं, क्योंकि उनकी सरकार को सत्ता में आए लगभग पांच वर्ष हो चुके हैं। वड़िंग ने मुख्यमंत्री से कहा कि अब लोग हिसाब और जवाब मांग रहे हैं तथा वे सरकार के बहाने सुनने के लिए तैयार नहीं हैं।
उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस द्वारा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर चंडीगढ़ में नवनियुक्त एआईसीसी महासचिव प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में विशाल विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
इस अवसर अपने लाइव इंटरेक्शन कार्यक्रम ‘वड़िंग विद वॉरियर्स’ के छठे सत्र को संबोधित करते हुए, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह सत्र दिड़बा के गुलजार सिंह को समर्पित किया, जिन्होंने हाल ही में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के गुंडों द्वारा कथित अपमान और धमकियों के बाद आत्महत्या कर ली थी।
वड़िंग ने कहा कि गुलजार सिंह का “एकमात्र अपराध” यह था कि उन्होंने चीमा से संपर्क कर अपने बेटे को नशों से बचाने के लिए नशे के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि गुलजार सिंह ने अपने बेटे को बचाने के लिए नशों के खिलाफ आवाज उठाई, लेकिन बदले में उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी।
उन्होंने राज्य सरकार पर गुलजार सिंह के परिवार को अंतिम संस्कार के दौरान भी गुमराह करने का आरोप लगाया। वड़िंग ने कहा कि परिवार को नौकरी देने की पेशकश के रूप में एक सिफारिशी पत्र दिया गया था, लेकिन बाद में सामने आया कि वह कोई नियुक्ति या नौकरी का प्रस्ताव नहीं, बल्कि संगरूर के डिप्टी कमिश्नर द्वारा राज्य सरकार को भेजी गई केवल एक सिफारिश थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार को अपनी परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार करने की अनुमति नहीं दी गई तथा प्रशासन ने जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवाया।
कांग्रेस नेता ने सरकार के इस दावे पर सवाल उठाया कि परिवार व्यवस्थाओं पर सहमत हो गया था। उन्होंने कहा कि पांच लाख रुपये का मुआवजा किसी इंसानी जान के नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता। उन्होंने सवाल किया कि क्या एक अनमोल जीवन की कीमत केवल पांच लाख रुपये है?
वड़िंग ने गुलजार सिंह की मौत से जुड़े हालात की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल पर भी अविश्वास जताया।
उन्होंने कहा कि यह घटना पंजाब में एक व्यापक पैटर्न का हिस्सा है, जहां सरकार द्वारा नशों की समस्या से निपटने के तरीके पर सवाल उठाने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है और डराया-धमकाया जा रहा है।
संगरूर के गांव शेरों के मोहनजीत सिंह का जिक्र करते हुए वड़िंग ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार के नशों से निपटने के तरीके पर सवाल उठाने के बाद उन्हें बेरहमी से पीटा गया, प्रताड़ित किया गया, बिजली के झटके दिए गए और उनके कान के पर्दे को नुकसान पहुंचाया गया।
उन्होंने चमकौर सिंह के मामले का भी उल्लेख किया, जिन्हें कथित तौर पर जहर खाने के लिए मजबूर किया गया था, हालांकि वे बच गए।
वड़िंग ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के शासन में पंजाब में नशों की समस्या कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली अकाली सरकार के दौरान जहां ‘चिट्टा’ चर्चा में था, वहीं आप सरकार के दौरान ‘जॉम्बी ड्रग’ के नाम से जाना जाने वाला नया नशा सामने आया है, जिसके सेवन के बाद लोग घंटों तक असामान्य स्थिति में भटकते रहते हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर समस्या का समाधान करने के बजाय नशों से होने वाली मौतों की खबरों को दबाने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ऐसी मौतों को सामने आने से रोकने के लिए पुलिस तंत्र का इस्तेमाल कर रहा है तथा सोशल मीडिया पर नशों से होने वाली मौतों की जानकारी पोस्ट करने वाले लोगों पर अपनी पोस्ट हटाने के लिए दबाव डाला जा रहा है।
वड़िंग ने कहा कि नशों पर नियंत्रण पाने के बजाय आप सरकार ने मीडिया को नियंत्रित करने का काम किया है।
सरकार के ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान पर हमला करते हुए वड़िंग ने दावा किया कि यह अभियान राज्य में नशों के दुरुपयोग को रोकने में “पूरी तरह विफल” हो चुका है।
उन्होंने सरकार के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि नशा विरोधी अभियान के दौरान लगभग 90,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जेलों की कुल क्षमता लगभग 24,000 कैदियों की है।
वड़िंग ने कहा कि पंजाब की महिलाएं अपने परिवारों पर नशों के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने दावा किया कि कई महिलाओं ने सरकार से कहा है कि उन्हें वित्तीय सहायता नहीं चाहिए, बल्कि वे अपने बच्चों को नशों से बचाना चाहती हैं।
उन्होंने लंबी विधानसभा क्षेत्र के एक गांव का उदाहरण देते हुए दावा किया कि नशों के कारण वहां सामाजिक तबाही का ऐसा आलम है कि कोई विवाह नहीं हुआ, क्योंकि विवाह योग्य आयु के सभी युवाओं की नशों के कारण मौत हो चुकी है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान अब नशों की समस्या के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते, क्योंकि आप सरकार लगभग पांच वर्षों से सत्ता में है।
उन्होंने कहा कि लोग जवाब मांग रहे हैं और सरकार को जवाबदेह ठहराने से पहले आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने का इंतजार कर रहे हैं।
वड़िंग ने चेतावनी दी कि चुनावों की घोषणा के बाद कांग्रेस आप नेतृत्व को अपनी जिम्मेदारी से “भागने” नहीं देगी।
उन्होंने इन आरोपों को भी खारिज किया कि कांग्रेस मौतों से राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है। वड़िंग ने कहा कि मुख्य विपक्षी पार्टी होने के नाते लोगों की आवाज बुलंद करना और उनकी लड़ाई लड़ना कांग्रेस की जिम्मेदारी है।
वड़िंग ने घोषणा की कि पंजाब कांग्रेस द्वारा आप सरकार के खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर को एआईसीसी महासचिव प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस गुलजार सिंह की मौत के मामले में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग करेगी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि 15 सितंबर का यह प्रदर्शन आप सरकार की नींव हिला देगा और नशों के मुद्दे तथा इस खतरे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के साथ किए जा रहे व्यवहार को कांग्रेस अपने राजनीतिक अभियान के केंद्र में रखेगी।