गुरदासपुर: स्कूल सजा से आहत 15 वर्षीय छात्र की मौत, जांच में जुटी पुलिस

www.atalhind.com2 May 20262 min read0 viewsपंजाब
गुरदासपुर: स्कूल सजा से आहत 15 वर्षीय छात्र की मौत, जांच में जुटी पुलिस

गुरदासपुर: स्कूल में कथित सजा से आहत 15 वर्षीय छात्र की जहरीला पदार्थ निगलने से मौत, जांच शुरू

गुरदासपुर जिले के काहनूवान ब्लॉक के गांव झंडा लुबाना में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 15 वर्षीय छात्र नवजोत सिंह की जहरीला पदार्थ निगलने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और गहरा आक्रोश फैल गया है।


स्कूल में दी गई सजा पर उठे सवाल

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जानकारी के अनुसार, नवजोत सिंह दसूहा स्थित कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई करता था। 27 अप्रैल को स्कूल में किसी सामान्य गलती के चलते उसे अनुशासनात्मक सजा दी गई थी।

आरोप है कि छात्र को दो पीरियड तक तेज धूप में खड़ा रहने की सजा दी गई, जिसके बाद वह मानसिक रूप से बेहद आहत हो गया।

परिजनों के अनुसार, यह घटना उसके व्यवहार और मानसिक स्थिति पर गहरा असर छोड़ गई।


घर लौटने के बाद बिगड़ी हालत

स्कूल से लौटने के बाद नवजोत सिंह ने घर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया। उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने तुरंत उसे अस्पताल में भर्ती कराया।

डॉक्टरों की लगातार कोशिशों के बावजूद कई दिनों तक चले इलाज के बाद उसे बचाया नहीं जा सका और उसकी मृत्यु हो गई।


अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब

परिवार ने गमगीन माहौल में छात्र का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन मौजूद रहे।

कुछ अन्य छात्रों ने भी अंतिम संस्कार में पहुंचकर घटना पर दुख जताया और स्कूल प्रशासन पर अनुशासन के नाम पर सख्ती बरतने के आरोप लगाए।


स्थानीय लोगों में आक्रोश

घटना के बाद क्षेत्र में रोष का माहौल है। स्थानीय लोगों और छात्रों का कहना है कि स्कूलों में अनुशासन के नाम पर बच्चों पर अत्यधिक दबाव नहीं डाला जाना चाहिए।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि लापरवाही पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाए।


पुलिस जांच शुरू

भैणी मियां खान के डीएसपी कुलवंत सिंह मान ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।


निष्कर्ष

यह घटना एक बार फिर स्कूलों में अनुशासन और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन की आवश्यकता पर सवाल खड़े करती है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि जांच निष्पक्ष होगी और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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