गुरुग्राम में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का दूसरा महीना शुरू, सरकार ने 5 सितंबर तक काम पर लौटने का दिया अल्टीमेटम

गुरुग्राम और हरियाणा के अन्य नगर निकायों में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 5 सितंबर 2026 को अपने 30वें दिन में प्रवेश कर गई है। इसके साथ ही इस आंदोलन का दूसरा महीना शुरू हो गया है। गुरुग्राम में कुल 3,100 सफाई कर्मचारियों में से लगभग 2,650 कर्मचारी इस प्रदर्शन में भाग ले रहे हैं। यह agitation हरियाणा म्युनिसिपल एम्पलाइज यूनियन के नेतृत्व में चलाया जा रहा है।
यूनियन की चेतावनी और प्रदर्शन
यूनियन की गुरुग्राम शाखा के अध्यक्ष बसंत कुमार ने बयान दिया कि कर्मचारियों ने 5 सितंबर को हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के सिविल लाइंस आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि मांगें 6 सितंबर तक पूरी नहीं होती हैं, तो यूनियन अपने आंदोलन को और अधिक तेज कर देगी।
सरकार का निर्देश और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
हरियाणा अर्बन लोकल बॉडीज विभाग ने 3 और 4 सितंबर को एक निर्देश जारी किया था। इस आदेश में सभी नगर आयुक्तों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया था कि कर्मचारी 5 सितंबर तक अपने काम पर वापस लौट जाएं। यह आदेश हरियाणा म्युनिसिपल एक्ट 1973 और हरियाणा एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट 1974 का हवाला देकर जारी किया गया था। इस निर्देश में चेतावनी दी गई थी कि आदेश का पालन न करने पर कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस निर्देश में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के 18 अगस्त के एक आदेश का भी जिक्र किया गया था। हाईकोर्ट ने राज्य से सफाई सेवाओं को बनाए रखने के लिए कानूनी उपाय लागू करने का आग्रह किया था।
सरकार द्वारा दी गई पेशकश और मुख्यमंत्री का बयान
सरकार ने संविदा कर्मचारियों को हरियाणा कॉन्ट्रैक्टुअल एम्प्लॉइज एक्ट 2024 के तहत कवर करने की पेशकश की है। सरकार ने 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा, नियमित कर्मचारियों के बराबर लाभ और अधिक मासिक वेतन देने का वादा किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में संबोधित करते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों की 12 मांगें पहले ही स्वीकार कर चुकी है। सेवा नियमितीकरण की मांग के संबंध में मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि इस मामले में जटिल कानूनी पहलू शामिल हैं जिनकी अभी जांच की जा रही है।
जमीनी हालात और कचरे की स्थिति
सरकार ने हड़ताल के दौरान प्रदर्शनकारी कर्मचारियों द्वारा नगरपालिका की मशीनरी को नुकसान पहुंचाने और अन्य लोगों को काम करने से रोकने की रिपोर्टों पर दुख भी व्यक्त किया है। इन सभी विकासक्रमों के बावजूद, कई क्षेत्रों में कचरे का भारी ढेर जमा है। इस स्थिति के कारण कुछ रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को स्वतंत्र मजदूरों को काम पर रखना पड़ा है। गुरुग्राम नगर निगम के स्वच्छ भारत मिशन के संयुक्त कमिश्नर डॉ. प्रीतपाल सिंह ने दावा किया कि एजेंसियां चिह्नित किए गए कचरा संवेदनशील बिंदुओं को साफ कर रही हैं। उन्होंने घर-घर कचरा एकत्र करने के स्थायी तंत्र को लेकर सकारात्मकता भी व्यक्त की है।
अन्य प्रतिक्रियाएं और जांच की मांग
इस बीच, यूनियन ने हड़ताल के दौरान आपातकालीन कचरा उठाने के मामले में ठेकेदारों और अधिकारियों द्वारा फर्जी बिलिंग के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्थिति से निपटने के तरीके को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना की है।