गुरुग्राम में जागरूकता कार्यक्रम: तीन आर और चार कूड़ेदान के उपयोग की दी गई जानकारी

गुरुग्राम में कचरा, पॉलिथीन और प्रदूषण मुक्त गुरुग्राम अभियान के तहत एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नगर निगम गुरुग्राम एवं डीपीजी डिग्री कॉलेज गुरुग्राम के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को कॉलेज में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के प्रति जागरूक करना था। इसका उद्देश्य युवाओं को स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ गुरुग्राम के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के अतिथियों द्वारा किया गया। कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. प्रिया, कुलपति डॉ. अशोक गोगिया, डॉ. एस.एस. बोकन एवं डॉ. प्रहलाद ने मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का पौधे भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
कचरे का उचित अलगाव और स्वच्छता
संयुक्त आयुक्त सपना यादव ने स्वच्छता के संबंध में महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के लिए कचरे का उचित अलगाव बेहद आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से एक विशेष अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखें। उन्होंने कहा कि इस अच्छी आदत को अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों तक भी पहुंचाएं। युवा पीढ़ी स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
पॉलिथीन के दुष्प्रभावों से बचाव
पार्षद विक्रम जीत सिंह ने पर्यावरण को लेकर जानकारी दी। उन्होंने पॉलिथीन के उपयोग से पर्यावरण पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से एक आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पॉलिथीन के इस्तेमाल से बचने तथा इसके स्थान पर कपड़े और जूट के थैलों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने आगे कहा कि दैनिक जीवन में किए गए छोटे-छोटे सकारात्मक प्रयास मिलकर बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं। प्रत्येक नागरिक यदि अपनी जिम्मेदारी समझे तो शहर को पॉलिथीन एवं प्रदूषण से मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
बीमारियों की रोकथाम और 3आर का सिद्धांत
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य को लेकर भी जानकारी दी गई। डॉ. महेश कौशिक ने विद्यार्थियों को डेंगू एवं मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूक किया। विद्यार्थियों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। इसके बाद आईईसी विशेषज्ञ प्रिंका यादव ने बात रखी। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए 3आर-रिड्यूज, रीयूज और रिसाइकिल के सिद्धांत को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अनावश्यक वस्तुओं की खपत कम करना, उपयोगी वस्तुओं का दोबारा इस्तेमाल करना और कचरे को रिसाइकिल करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में 3आर के सिद्धांतों को अपनाए तो कचरे की मात्रा को कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।