गुरुग्राम में साइबर ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाता देने वाला आरोपी नूंह से गिरफ्तार

गुरुग्राम में सीआईएसएफ कर्मचारी बनकर सामान खरीदने के नाम पर ठगी करने वाले साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई साइबर अपराध थाना पश्चिम पुलिस द्वारा की गई है। आरोपी की पहचान दौलत के रूप में हुई है जिसकी उम्र 26 वर्ष है। आरोपी जिला नूंह के गांव मध्यकी का रहने वाला है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने सोमवार को मीडिया को जानकारी दी कि इस आरोपी को नूंह से गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस प्रकार से दिया गया ठगी की वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार 24 जुलाई 2025 को एक व्यक्ति ने थाना साइबर पश्चिम में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता को एक फोन कॉल आया था जिसमें कॉलर ने खुद को सीआईएसएफ का कर्मचारी बताया था। कॉलर ने पीड़ित व्यक्ति को पैकिंग मटेरियल सप्लाई करने का ऑर्डर दिया था। सामान की सप्लाई पूरी होने के बाद आरोपी ने गेट पास के नाम पर पांच रुपये ट्रांसफर करने और भुगतान को दोगुना वापस करने का लालच दिया था।
खातों में ट्रांसफर कराए गए कुल एक लाख तरेसठ हजार रुपये
साइबर ठगों ने बिल भुगतान का लालच देकर पीड़ित व्यक्ति से करीब 1.63 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए थे। इस मामले की शिकायत मिलने पर थाना साइबर पश्चिम में तुरंत केस दर्ज किया गया था। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि ठगी की गई कुल रकम में से करीब एक लाख रुपये आरोपी दौलत के बैंक खाते में आए थे। इसके अलावा ठगी के करीब 63 हजार रुपये उसकी पत्नी के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे।
बैंक खाते बेचने वाले गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने अपने और अपनी पत्नी के दोनों बैंक खाते साइबर ठगों को कुल 20 हजार रुपये में उपलब्ध कराए थे। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी जांच बहुत ही गहराई से कर रही है। पुलिस इस ठगी गिरोह के बाकी अन्य सदस्यों की भी लगातार तलाश कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।