गुरुग्राम में फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर 1 करोड़ 43 लाख की साइबर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

फर्जी सीबीआई अधिकारी बन 01 करोड़ 43 लाख की साइबर ठगी
79 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक महिला को डिजिटल अरेस्ट कर वारदात अंजाम
ठगी वाले गिरोह को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाला 01 आरोपी गिरफ्तार
ठगी राशि में से 04 लाख 99 हजार 800 रुपये आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर
फतह सिंह उजाला /गुरुग्राम /24 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
गुरुग्राम में फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर 79 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक महिला के साथ 1 करोड़ 43 लाख 65 हजार 755 रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने ठगी की राशि का बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले 01 आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान रुकमकेश मीणा के रूप में हुई है, जो जिला दौसा, राजस्थान का रहने वाला है। पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व, गुरुग्राम की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर कार्रवाई करते हुए सोमवार को आरोपी को दौसा से गिरफ्तार किया है।
यह पूरी घटना 12 फरवरी 2025 को सामने आई जब शिकायतकर्ता ने पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व, गुरुग्राम में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता महिला को ठगों ने पहले डीएचएल कर्मचारी, मुंबई पुलिस और फिर सीबीआई अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। आरोपियों ने महिला के नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज होने और गिरफ्तारी वारंट जारी होने का डर दिखाया। ठगों ने लगातार व्हाट्सएप वीडियो और ऑडियो कॉल के माध्यम से महिला पर निगरानी रखी और उसके आधार व बैंक खातों के दुरुपयोग की झूठी कहानी गढ़ी।
पैसे की जांच के नाम पर आरोपियों ने महिला के शेयर्स, म्यूचुअल फंड और अन्य बचत को बेच दिया। इसके बाद आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में राशि जमा करवाने के लिए कहा गया। इस तरह शिकायतकर्ता से 6 नवंबर 2024 से 26 नवंबर 2024 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 43 लाख 65 हजार 755 रुपये ट्रांसफर करवाकर साइबर ठगी की गई। इस प्राप्त शिकायत पर पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया गया था।
आरोपी ने कमीशन के लालच में दिया था बैंक खाता
पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उपरोक्त अभियोग में ठगी गई कुल राशि में से 04 लाख 99 हजार 800 रुपये आरोपी रुकमकेश मीणा के आईडीएफसी बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। आरोपी रुकमकेश मीणा ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने अपना वह बैंक खाता कमीशन के लालच में एक अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराया था। उस बैंक खाते का प्रयोग साइबर ठगी की अवैध राशि प्राप्त करने के लिए किया गया था।
अदालत में पेश कर लिया गया 2 दिन का रिमांड
पुलिस टीम द्वारा आरोपी को सोमवार को माननीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को 02 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब आरोपी से उस बैंक खाते के माध्यम से हुए वित्तीय लेन-देन, ठगी की कुल राशि और डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड में शामिल अन्य आरोपियों तथा पूरे साइबर ठगी नेटवर्क के संबंध में गहनता से पूछताछ कर रही है।