बीमा लोकपाल अधिकारी बनकर 1.19 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले 04 आरोपी गुरुग्राम में गिरफ्तार

Team Atal Hind7 August 20262 min read17 viewsगुरुग्राम
बीमा लोकपाल अधिकारी बनकर 1.19 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले 04 आरोपी गुरुग्राम में गिरफ्तार

गुरुग्राम में बीमा लोकपाल अधिकारी बनकर 1.19 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 05 अगस्त को 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं: अज्ञात व्यक्तियों ने खुद को बीमा लोकपाल अधिकारी बताकर लैप्स बीमा पॉलिसियों के एवज में 1.03 करोड़ रुपये से अधिक का प्रलोभन दिया, फाइल चार्ज, मेंटेनेंस चार्ज और ट्रांजैक्शन चार्ज के नाम पर कुल 1,19,00,000 रुपये विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए गए, और थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया है

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साइबर ठगी और दर्ज शिकायत का विवरण

27 जुलाई 2026 को एक व्यक्ति ने पुलिस थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में शिकायत दी थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने स्वयं को बीमा लोकपाल अधिकारी बताकर उसकी लैप्स बीमा पॉलिसियों के एवज में पहले 57 लाख रुपये तथा बाद में एजेंट कोड समाप्त कर लाभार्थी कोड स्थानांतरित करने के नाम पर 1,03,77,220 रुपये दिलाने का झूठा प्रलोभन दिया। उसके बाद फाइल चार्ज, मेंटेनेंस चार्ज, ट्रांजैक्शन चार्ज और फुल एंड फाइनल (F&F) शुल्क के नाम पर अलग-अलग समय पर कुल 01 करोड़ 19 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करवाकर ठगी की गई। इस शिकायत के आधार पर थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान

थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने इस मामले में 04 आरोपियों को 5 अगस्त को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 1. भरत जनक सिंह कपाड़िया (उम्र-68 वर्ष) निवासी इंदिरा नगर, कंजुर मार्ग ईस्ट, मुंबई (महाराष्ट्र), 2. मोहम्मद मोशिरुल हक (उम्र-35 वर्ष) निवासी शिबपुर, हावड़ा (पश्चिम बंगाल), 3. सुभाष कुमार (उम्र-40 वर्ष) निवासी पांडव नगर, ईस्ट दिल्ली तथा 4. साहिल गुसांई (उम्र-19 वर्ष) निवासी मंडावली, ईस्ट दिल्ली के रूप में हुई है।

आरोपियों की भूमिका और पुलिस रिमांड

पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि मोहम्मद मोशिरुल हक ने अपने साथियों की मदद से 'उत्सव उपाध्याय' के नाम से फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड बनवाकर बैंक खाता खुलवाया, जिसमें शिकायतकर्ता के लगभग 43 लाख रुपये प्राप्त हुए। भरत जनक सिंह कपाड़िया उक्त खाते से चेक के माध्यम से राशि निकालकर अन्य साथियों द्वारा बताए गए व्यक्तियों तक पहुंचाता था तथा अपना व सह-आरोपी का कमीशन रखता थासुभाष कुमार, जो साइबर कैफे संचालित करता है, ने फर्जी आधार व पैन कार्ड तैयार किए, जबकि साहिल गुसांई ने फर्जी दस्तावेज तैयार कराने, सिम जारी कराने तथा कॉलिंग में प्रयुक्त सिम उपलब्ध कराने में सहयोग कियापुलिस टीम द्वारा सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करके 02 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है और अभियोग में गहनता से अनुसंधान किया जा रहा है तथा अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी एवं मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच जारी है।

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