गुरुग्राम जिला में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत एक लाख से अधिक पौधारोपण

गुरुग्राम जिले में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत जिले में अब तक एक लाख से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है। इस अभियान में सरकारी विभागों के साथ-साथ आम नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की है। नागरिकों की भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को एक जनअभियान का रूप मिला है। अरावली क्षेत्र की जैव-विविधता के अनुरूप प्रजातियों को इस पौधारोपण में प्राथमिकता दी गई है।
जिला वन अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी
जिला वन अधिकारी सुरेंद्र दांगी ने बताया कि पूरे अभियान के दौरान विभाग द्वारा करीब एक लाख 10 हजार पौधों का रोपण किया गया है। हरियाणा के वन पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह के निर्देशानुसार पौधारोपण किया गया है। पौधारोपण में स्थानीय पर्यावरण एवं अरावली क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुकूल विभिन्न प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य गुरुग्राम के हरित क्षेत्र को बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय जैव-विविधता का भी संरक्षण करना है।
पौधों की प्रजातियों का चयन और वितरण
अरावली क्षेत्र के लिए उपयोगी एवं स्थानीय परिस्थितियों में बेहतर ढंग से विकसित होने वाली प्रजातियों का चयन विशेष रूप से किया गया है। अभियान के तहत लगभग एक लाख 10 हजार पौधे विभाग की ओर से रोपित किए गए हैं। इसके अलावा 10 हजार से अधिक पौधे नागरिकों द्वारा स्वयं रोपित किए गए हैं। वन विभाग द्वारा लगभग एक लाख पौधे नागरिकों को उपलब्ध करवाए गए हैं। अधिक से अधिक लोग अपने घरों, संस्थानों, पार्कों तथा अन्य उपयुक्त स्थानों पर पौधे लगाकर इस अभियान से जुड़ सके हैं।
पौधों का संरक्षण और देखभाल
गुरुग्राम जिले में पौधारोपण के लिए केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहते हुए विशेष जोर दिया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर लगाए गए पौधों की नियमित निगरानी, सिंचाई और सुरक्षा की जा रही है। संबंधित संस्थानों एवं नागरिकों को इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है। गुरुग्राम तेजी से विकसित होता हुआ जिला है और यहां बढ़ते शहरीकरण के बीच हरित क्षेत्र का विस्तार करना समय की आवश्यकता है। एक पेड़ मां के नाम अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ भावनात्मक जुड़ाव पैदा करने वाला अभियान है। प्रत्येक नागरिक अपनी मां के सम्मान में पौधा लगाकर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभा सकता है। अरावली क्षेत्र गुरुग्राम की प्राकृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके संरक्षण के लिए स्थानीय प्रजातियों एवं हरित आवरण को बढ़ावा देना आवश्यक है।