गुरुग्राम में यूएसए के नागरिकों से करोड़ों ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 11 आरोपी गिरफ्तार

यूएसए के नागरिकों से करोड़ो ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर के 11 आरोपी काबू
फर्जी एप्पल कस्टमर सर्विस बनकर ठगी वाले फर्जी कॉल सेंटर का भांडाफोड़,
यूएसए के नागरिकों को वायरस समस्या एवं एफटीसी का भय दिखा करते ठगी
कब्ज़ा से 09 लैपटॉप, 20 फोन, 02 हेडफोन/माइक,02 कार,01 बाईक व 01 स्कूटी बरामद
समस्या का समाधान करने के नाम पर 10,000 से 20,000 USD की ठगी करते
फतह सिंह उजाला/गुरुग्राम, /01 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
गुरुग्राम में पुलिस थाना साइबर अपराध पश्चिम की टीम ने एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह फर्जी कॉल सेंटर गुरुग्राम के पालम विहार में बिना अनुमति के चलाया जा रहा था। पुलिस टीम को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना प्राप्त हुई थी कि प्लॉट नंबर 1208, जे ब्लॉक, पालम विहार में यह अवैध गतिविधियां चल रही हैं। इस कॉल सेंटर में यूएसए के नागरिकों को एप्पल कस्टमर सर्विस के नाम पर गुमराह किया जा रहा था। पुलिस टीम ने मंगलवार को इस स्थान पर रेड की और मौके से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
फर्जी कॉल सेंटर में अंग्रेजी भाषा में होती थी बातचीत
रेड के दौरान आरोपी लैपटॉप, हेडफोन, माइक और मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। आरोपी X-Lite Dialler एवं Apple FaceTime पर अंग्रेजी भाषा में विदेशी नागरिकों से बातचीत करते हुए मिले। पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए 11 आरोपियों की पहचान प्रितपाल सिंह, मोहम्मद रिजान अंसारी, चैतन्य गोयल, मनीष, शाहरुख अंसारी, संजीव पाण्डे, शिवम, आदित्य, दीपक त्रिवेदी, वरुण गौतम और नीरज के रूप में हुई है। इस मामले में पुलिस थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में धारा 318(4), 319, 61(2) BNS, 43, 66D, 72, 75 IT Act के तहत अभियोग अंकित किया गया है।
किराए के मकान में चल रहा था अवैध कारोबार
पुलिस पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी प्रितपाल सिंह इस कॉल सेंटर का टीम लीडर था। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे पिछले करीब 02-03 महीनों से इस मकान को किराये पर लेकर कॉल सेंटर चला रहे थे। प्रत्येक कॉलर को कमीशन के आधार पर काम पर रखा गया था। इस कॉल सेंटर का संचालन किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था, जिसकी तलाश जारी है।
एप्पल कस्टमर सर्विस और एफटीसी का डर दिखाकर ठगी
यह आरोपी यूएसए के नागरिकों को एप्पल कस्टमर सर्विस के नाम पर उनके मोबाइल फोन में वायरस या तकनीकी समस्या होने का झांसा देते थे। आरोपी विदेशी नागरिकों को वर्चुअल टोल फ्री नंबर पर कॉल करने के लिए प्रेरित करते थे। आरोपी एप्पल या संबंधित कम्पनी के कर्मचारी और प्रतिनिधि बनकर X-Lite Dialler Software व एप्पल फेसटाइम ऐप के माध्यम से विदेशी नागरिकों से बातचीत करते थे। इसके बाद वे समस्या दूर करने کے नाम पर उन्हें गुमराह करते थे। आरोपी विदेशी नागरिकों को फेडरल ट्रेड कमीशन यानी FTC का फर्जी पत्र दिखाकर भय पैदा करते थे। इसके बाद वे उनकी समस्या का समाधान करने के नाम पर 10,000 से 20,000 USD की ठगी करते थे।
विदेशी बैंक खातों और गिफ्ट वाउचर से होता था लेन-देन
आरोपी कॉल सेंटर के मालिक द्वारा दिए गए विदेशी बैंक खाते में ठगी गई राशि ट्रांसफर करवाते थे। इसके अलावा आरोपी गिफ्ट वाउचर और कार्ड के नंबर भी प्राप्त करके धोखाधड़ी को अंजाम देते थे। पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जा से कुल 09 लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, 02 हेडफोन और माइक, 02 कार, 01 बाइक तथा 01 स्कूटी बरामद किए गए हैं। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और अन्य संलिप्त लोगों की भी जांच की जा रही है।