गुरुग्राम में स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल, पंकज डावर बोले- जो अस्पताल बनना था वर्ल्ड क्लास, वह थर्ड क्लास भी नहीं रहा

कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार की फाइनेंस कमेटी की बैठक में गुरुग्राम को फिर से दरकिनार किया गया है। कई साल से प्रदेश के बजट में गुरुग्राम के सिविल अस्पताल के लिए बजट की घोषणा होती आ रही है। लेकिन धरातल पर काम कुछ नहीं हुआ है। ऐसे ही फाइनेंस कमेटी की बैठक में भी गुरुग्राम को खाली हाथ ही रखा गया है। सरकार की फाइनेंस कमेटी की बैठक में गुरुग्राम को एक बार फिर से पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। करनाल के अस्पताल को बड़ी सौगात दी गई है। लेकिन गुरुग्राम का नाम एजेंडे में शामिल तक नहीं किया गया है। गुरुग्राम जिला सिविल अस्पताल और बस स्टैंड के लिए वर्षों से लगातार तरस रहा है।
पंकज डावर ने आगे कहा कि हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के दौरान, कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री के भाषणों, स्वास्थ्य मंत्री के भाषणों और यहां के सांसद के भाषणों के हिसाब से तो यह साफ था कि यहाँ का अस्पताल वर्ल्ड क्लास बनाया जाना था। लेकिन आज स्थिति यह है कि वह थर्ड क्लास भी नहीं रहा है। वर्षों पहले तोड़े गए अस्पताल के भवन में अभी तक एक ईंट तक नहीं लगाई गई है। पंकज डावर ने स्पष्ट किया कि फाइनेंस कमेटी की बैठक में करनाल के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के फेज-2 के विस्तार पर स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी में विशेष रूप से चर्चा की गई थी।
करनाल अस्पताल के विस्तार की योजना
करनाल के अस्पताल में वर्तमान में करीब 600 बेड की क्षमता उपलब्ध है। फेज-2 के तहत अस्पताल परिसर के विस्तार के लिए 404.95 करोड़ रुपए की लागत का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत ट्रॉमा सेंटर, बर्न यूनिट एवं बर्न वार्ड, आईसीयू, आईसीसीयू, जनरल मेडिसिन, नेफ्रोलॉजी, न्यूरो सर्जरी और मनोरोग विभाग से जुड़ी हुई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा अस्पताल में हेलिपैड तथा अन्य जरूरी सहयोगी एवं सहायक सुविधाओं का भी पूरा प्रावधान किया जाएगा। इस योजना के तहत अस्पताल में करीब 505 नए बेड जोड़े जाएंगे। जिससे अस्पताल की कुल बेड क्षमता लगभग 600 से बढ़कर 1100 बेड तक हो जाएगी।
गुरुग्राम और करनाल की स्वास्थ्य सेवाओं में अंतर
पंकज डावर ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर एक छोटे से करनाल जिले में स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार इतने बड़े-बड़े दावे कर रही है और काम कर रही है, तो गुरुग्राम को क्यों लगातार पीछे रखा जा रहा है। गुरुग्राम जिला जनसंख्या के हिसाब से करनाल से करीब पांच गुना अधिक बड़ा है। इसके बावजूद गुरुग्राम में स्वास्थ्य सेवाएं बेहद ही बुरी और दयनीय स्थिति में पहुंच चुकी हैं। निजी अस्पतालों को तो सरकार हर तरह से बढ़ावा दे रही है और पाल रही है। मगर आम और गरीब आदमी के लिए बने सरकारी अस्पताल को पहले तोड़ा गया और फिर स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह से लचर कर रखा गया है।