गुरुग्राम में लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 03 आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद

गुरुग्राम में लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 03 आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद

गुरुग्राम में लोन दिलाने के नाम पर लोगों को गुमराह करके धोखाधड़ी करने वाले 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त गुरुग्राम गौरव फोगाट के निर्देशन में और निरीक्षक दिनेश कुमार, प्रबंधक थाना साइबर अपराध दक्षिण, गुरुग्राम के नेतृत्व में की गई। पुलिस ने पिरामिड अर्बन होम्स सैक्टर-70A, गुरुग्राम में छापेमारी करते हुए इन आरोपियों को दबोचा है। आरोपियों के पास से 12 फोन, 01 लैपटॉप, 05 पासबुक, 07 चेकबुक व 13 एटीएम बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शिबांग प्रसाद, नीरज कुमार साह और प्रशांत कुमार सिंह के रूप में हुई है। आरोपी शिबांग प्रसाद बुरोमल, जिला झारसुगुड़ा, ओडिशा का रहने वाला है और हाल ही में पिरामिड अर्बन होम्स, सैक्टर-70A, गुरुग्राम में रह रहा था। आरोपी नीरज कुमार साह कोइलवर, जिला भोजपुर, बिहार का निवासी है और हाल निवास पिरामिड अर्बन होम्स, सैक्टर-70A, गुरुग्राम है। तीसरा आरोपी प्रशांत कुमार सिंह 18 उत्तर पट्टी, कोबिल, जिला नालंदा, बिहार का रहने वाला है और हाल में पिरामिड अर्बन होम्स, सैक्टर-70A, गुरुग्राम में रह रहा था। उपरोक्त आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी करने पर इनके विरुद्ध थाना साइबर अपराध दक्षिण, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया है।

फेसबुक और इंस्टाग्राम पर चलाते थे फर्जी विज्ञापन

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पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये सभी आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोन के फर्जी विज्ञापन चलाते थे। लोन लेने के इच्छुक लोग जब लाखों रुपए का लोन लेने के लिए इनसे संपर्क करते थे। तब ये उन लोगों से आवश्यक दस्तावेज ले लेते थे। इसके बाद ये लोग राम फिनकॉर्प फाइनेंस ऐप के माध्यम से 20 हजार से 30 हजार रुपए का लोन करवा देते थे। जब लोन लेने वाला व्यक्ति इनको ज्यादा राशि के लोन के लिए कहता था। तब ये आरोपी ज्यादा राशि का लोन दिलाने का भरोसा दिलाते थे।

ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइटों के जरिए करते थे ठगी

आरोपी कम राशि का कराया हुआ लोन क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइटों में ट्रांसफर करवा लेते थे। उसके बाद उन वेबसाइट पर बनी हुई अपनी आईडी के माध्यम से रुपए अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लेते थे। जब लोन लेने वाले व्यक्ति बार-बार इनको कॉल करते थे। तब ये उन लोगों को कहते थे कि जो कम राशि का लोन इन्होंने करवाया था उसकी पेमेंट करने की जरूरत नहीं है। लेकिन उसके बाद जब लोन लेने वाले व्यक्ति के पास पेमेंट के लिए लोन देने वाली कंपनी द्वारा कॉल की जाती थी। तब उन लोगों को अपने साथ ठगी होने का एहसास होता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जा से 12 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप, 05 पासबुक, 07 चेकबुक व 13 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।

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