गुरुग्राम में ऑनलाइन सल्फास मंगवाकर नाबालिग ने की आत्महत्या, मीशो और सूरत के विक्रेता पर केस दर्ज

गुरुग्राम के बादशाहपुर थाना क्षेत्र के गांव टीकली में एक 17 वर्षीय युवक की जहरीला पदार्थ खाने से मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म मीशो और सल्फास बेचने वाले विक्रेता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मृतक युवक की पहचान यूवी के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 17 साल थी। युवक की मां अनुराधा ने यह गंभीर आरोप लगाया है कि उनके बेटे ने ऑनलाइन शॉपिंग ऐप मीशो के जरिए सल्फास मंगवाया था। कंपनी ने बिना किसी उम्र और पहचान की तस्दीक के वह जहरीला पदार्थ उसके घर तक पहुंचा दिया था।
कोर्ट के आदेश पर बादशाहपुर थाने में मामला दर्ज
मृतक यूवी की मां अनुराधा ने न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि प्रतिबंधित सल्फास की बिक्री में नियमों का खुला उल्लंघन किया गया है। इसी जहरीले पदार्थ के सेवन से उनके बेटे की मौत हुई है। अदालत के आदेश पर जांच के बाद बादशाहपुर पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। एएसआई संजीव कुमार ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
मोबाइल से किया गया था सल्फास का ऑर्डर
पुलिस की जांच के अनुसार, 17 वर्षीय यूवी ने 11 अप्रैल 2026 को अपने मोबाइल नंबर से मीशो प्लेटफॉर्म पर सल्फास का ऑर्डर दिया था। ऑर्डर की इनवॉयस में विक्रेता का नाम गुजरात के सूरत स्थित एवर्ग्रीन एग्रो एंड गार्डनिंग मॉल के संचालक पंकज भरतभाई परमार दर्ज है। इसके बाद 28 अप्रैल को जहरीला पदार्थ खाने से यूवी की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई थी। उस समय पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया था। पुलिस ने विसरा और ब्लड सैंपल जांच के लिए एफएसएल भोंडसी भेज दिए थे।
पुलिस कर रही है सभी पहलुओं की गहनता से जांच
पुलिस अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर कैसे एक नाबालिग को इतना खतरनाक और प्रतिबंधित जहर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आसानी से बेच दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सल्फास की ऑनलाइन बिक्री, ऑर्डर की प्रक्रिया, विक्रेता की भूमिका और प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी समेत सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।