गुरुग्राम में नगरपालिका कर्मचारियों का प्रदर्शन, प्रतिनिधिमंडल से दुर्व्यवहार पर फूंका पुतला और 27वें दिन भी जारी रही हड़ताल

गुरुग्राम में नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ हरियाणा निवास पंचकूला में हुए दुर्व्यवहार के विरोध में नगर निगम गुरुग्राम के कर्मचारियों ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने पुराने नगर निगम कार्यालय से अग्रसेन चौक और पुराने रेलवे रोड तक मार्च किया और वहां जाकर पुतला दहन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार की तानाशाही और वादाखिलाफी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों की हड़ताल आज 27वें दिन भी लगातार जारी रही है।
इस विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की अध्यक्षता इकाई के वरिष्ठ उप प्रधान सम्मी बोहत और फायर के जिला प्रधान साहुन खान ने संयुक्त रूप से की। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन सचिव धर्मेंद्र जिंघाला और कोषाध्यक्ष भारत कांगड़ा द्वारा किया गया। प्रदर्शन में शामिल राज्य उप प्रधान व इकाई प्रधान बसंत कुमार, साहुन खान, पूर्व जिला प्रधान राजेश कुमार, वरिष्ठ उप प्रधान सम्मी बोहत, फायर के जिला उप प्रधान जोगिंदर और सचिव सुनील कुमार ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार हड़ताल का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के बजाय पुलिस बल और वैकल्पिक व्यवस्थाओं के सहारे इस आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है।
संघ के उप प्रधान ज्ञान चंद, संगठन सचिव तेजपाल, सीमा देवी, प्रचार सचिव अनीता, पिंकी और कमला देवी ने भी कड़े आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हड़ताल के दौरान कूड़ा उठाने के नाम पर फर्जी बिल बनाए जा रहे हैं। कुछ ठेकेदारों और अधिकारियों द्वारा मिलकर इस तरह सरकारी धन की खुली लूट की जा रही है। नगरपालिका कर्मचारी संघ ने मांग की है कि कूड़ा उठान पर हुए सभी खर्च और भुगतानों की एक निष्पक्ष जांच कराई जाए।
कर्मचारी नेताओं ने जनता के सामने यह बात रखी कि सरकार व्यवस्था सामान्य दिखाने के लिए पुलिस के पहरे में कूड़ा उठवा रही है। महिला, बुजुर्ग और अन्य हड़ताली कर्मचारियों को हिरासत में लेकर उनका लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। संघ ने शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल पर बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि उन्हीं के विभाग के कर्मचारी आज सड़कों पर आंदोलनरत हैं और जनता परेशान है, लेकिन सरकार की तरफ से कोई समाधान नहीं निकल रहा है।
सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण बेदी द्वारा मुख्यमंत्री से वार्ता करवाने का जो आश्वासन दिया गया था, वह भी अभी तक पूरा नहीं हुआ है। राज्य उप प्रधान बसंत कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब अन्य श्रेणियों में नियमित भर्ती की जाती है, तो फिर सफाई व सीवर कर्मचारियों के लिए पक्की भर्ती क्यों नहीं की जाती और इस ठेका प्रथा को पूरी तरह से क्यों नहीं खत्म किया जा रहा है। संघ ने मांग की है कि सरकार 13 मई के समझौते को तुरंत लागू करे और सभी मांगों के लिखित आदेश जारी करे।
संघ की प्रमुख मांगों में सफाई व सीवर कार्य से ठेका प्रथा को समाप्त कर पक्की भर्ती करना, कच्चे कर्मचारियों को नियमित करना और फायर कर्मचारी रणबीर व भवी चंद शर्मा के आश्रितों को वादे के अनुसार 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को पक्की नौकरी देना शामिल है। कर्मचारी नेताओं ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि दो सितंबर तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो इस हड़ताल को और अधिक आगे बढ़ाया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन और हड़ताल के दौरान फायरमैन मुकेश कुमार, कुलदीप, सतपाल, सुभाष, हरिओम, तेजपाल, गब्बर सिंह, सुनीता देवी और अशोक कुमार सहित सैकड़ों कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।