गुरुग्राम: एनबीआरसी में हिंदी पखवाड़े का आयोजन, डॉ. रमन और इरशाद आलम ने जीती भाषण प्रतियोगिता

गुरुग्राम: एनबीआरसी में हिंदी पखवाड़े का आयोजन, डॉ. रमन और इरशाद आलम ने जीती भाषण प्रतियोगिता

गुरुग्राम के मानेसर में स्थित विश्व विख्यात नेशनल ब्रेन रिसर्च सेंटर यानी एनबीआरसी में हिंदी पखवाड़े का आयोजन किया गया है। इस पखवाड़े के तहत एक विशेष हिंदी भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस प्रतियोगिता में हिंदी भाषी वर्ग और अहिन्दी भाषी वर्ग दोनों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। सभी प्रतिभागियों ने हिंदी में बहुत ही धाराप्रवाह भाषण दिए।

प्रतियोगिता के विजेता और परिणाम

यह प्रतियोगिता एनबीआरसी में मानक हिंदी अधिकारी डॉ. इंद्रजीत यादव के नेतृत्व में आयोजित की गई थी। हिंदी भाषी वर्ग में डॉ. रमन महतानी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस वर्ग में मिथिलेश सिंह ने द्वितीय स्थान और संजय गुप्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। वहीं अहिन्दी भाषी वर्ग में मोहम्मद इरशाद आलम ने प्रथम स्थान हासिल किया है। इस वर्ग में स्वर्णली पांडा द्वितीय और सुमित सिन्हा तृतीय स्थान पर रहे हैं।

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निर्णायक मंडल की भूमिका और अतिथियों की उपस्थिति

इस भाषण प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका वरिष्ठ पत्रकार अमित नेहरा और पवन कुमार ने निभाई है। वरिष्ठ पत्रकार अमित नेहरा ने इस दौरान हिंदी को लेकर अपने प्रेरणादायक विचार रखे। उन्होंने कहा कि एनबीआरसी एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का संस्थान है और यहां के स्टाफ व छात्रों में हिंदी के प्रति जो जुनून है वह बहुत प्रशंसनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि इस संस्थान में देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र, शोधकर्ता व कर्मचारी आते हैं और हिंदी इन्हें आपस में जोड़ने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस अवसर पर जितेंद्र अहलावत, पूजा गौसांई, अमरजीत, ध्रुवा, अद्रित विश्वास, रेशमा खातून, अतुल तिवारी, केशव, ईशानी और अतिथि त्रिपाठी समेत एनबीआरसी के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे हैं।

निदेशक डॉ. सागर सेन गुप्ता के विचार

कार्यक्रम के दौरान एनबीआरसी के निदेशक डॉ. सागर सेन गुप्ता ने राष्ट्रभाषा हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की पीठ थपथपाई और उनका हौसला बढ़ाया है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बोली और समझी जा रही है। उनका यह भी कहना था कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से व्यक्ति के व्यक्तित्व का विकास होता है। उन्होंने अपने भाषण में सभी भाषाओं का सम्मान करने की बात भी कही है।

राष्ट्रीय एकता और अखंडता पर जोर

एनबीआरसी में मानक हिंदी अधिकारी डॉ. इंद्रजीत यादव ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि संस्थान में हर साल हिंदी पखवाड़े का आयोजन बहुत बड़ी धूमधाम से किया जाता है। इस तरह के आयोजनों से देश में राष्ट्रीय एकता और अखंडता मजबूत होती है। प्रतियोगिता को लेकर एनबीआरसी के पूरे स्टाफ, शोधकर्ताओं और छात्रों में पूरे समय बहुत अधिक उत्साह देखा गया है।

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