गुरुग्राम में भारी बारिश के बीच सड़कों पर उतरे अधिकारी, जल निकासी व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण

गुरुग्राम में सोमवार को हुई बारिश के दौरान अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहे। मुख्यमंत्री के निर्देशों की पालना करते हुए बारिश के दौरान अधिकारी सड़कों पर उतरे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार निगमायुक्त प्रदीप दहिया एवं अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका ने जीएमडीए, एनएचएआई और एमसीजी के अधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न जलभराव संभावित क्षेत्रों का मौके पर निरीक्षण किया। यह निरीक्षण गुरुग्राम में बारिश के बीच जल निकासी की स्थिति का जायजा लेने के लिए किया गया था।
विभिन्न जलभराव संभावित क्षेत्रों का दौरा
अधिकारियों की टीम ने झाड़सा चौक, राजीव चौक, मेदांता अंडरपास, ताऊ देवीलाल स्टेडियम, सोहना रोड और एरिया मॉल सहित विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों, प्रमुख सड़कों, अंडरपास और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जलनिकासी व्यवस्था को लेकर जीएमडीए, एनएचएआई एवं एमसीजी के अधिकारियों के बीच समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए।
तत्काल जल निकासी और पंपों के उपयोग के निर्देश
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर बारिश के कारण पानी जमा हो रहा है, वहां तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था की जाए। उन्होंने जलभराव संभावित स्थानों पर लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकतानुसार पंप एवं अन्य संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि बारिश के दौरान केवल कार्यालय स्तर पर समीक्षा के बजाय ग्राउंड पर मौजूद रहकर वास्तविक स्थिति की निगरानी की जाए, ताकि नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके।
नागरिकों की सुविधा और त्वरित कार्रवाई सर्वोच्च प्राथमिकता
निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान नागरिकों की सुविधा, सुगम यातायात और त्वरित जलनिकासी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव की किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करें। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि स्थिति सामान्य होने तक अधिकारी मौके पर ही निगरानी बनाए रखें ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।