गुरुग्राम में डेढ़ लाख रुपये के विवाद में पीजी संचालक की गोली मारकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

गुरुग्राम शहर की आचार्यपुरी कालोनी में डेढ़ लाख रुपये के लेन-देन को लेकर एक बड़ी वारदात सामने आई है। यहाँ पीजी संचालक हेमंत कौशिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मृतक हेमंत की उम्र 35 वर्ष थी। यह हत्या उधार दिए गए पैसे मांगने के विवाद के कारण हुई है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रिटायर्ड फौजी को गिरफ्तार कर लिया है।
उधार के 1.5 लाख रुपये लेने के लिए एक रिटायर्ड फौजी आया था। उसने पीजी संचालक के माथे में गोली मारी दी। हत्या के इस आरोपी रिटायर्ड फौजी का नाम अमरजीत है। पुलिस ने आरोपी अमरजीत को बुधवार सुबह ही गिरफ्तार कर लिया है।
घटना की पूरी रात और आपसी विवाद की कड़ियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात को रिटायर्ड फौजी अमरजीत पीजी संचालक हेमंत के घर गया था। वह वहाँ अपने उधार दिए गए पैसे लेने के लिए पहुँचा था। बताया जा रहा है कि हेमंत ने ठीक दो महीने पहले फौजी से 1.5 लाख रुपये उधार लिए थे। आरोपी अमरजीत सीधे हेमंत के घर के कमरे में पहुँचा था। कमरे में पहुँचकर उसने टेबल पर अपनी पिस्टल रख दी थी। पिस्टल रखने के बाद वह हेमंत से लगातार पैसे की मांग करने लगा था।
उधार दिए गए इन पैसों पर आरोपी अमरजीत 20 प्रतिशत ब्याज की मांग कर रहा था। इस मांग के जवाब में हेमंत ने ब्याज चुकाने के लिए आठ दिन का समय माँगा था। लेकिन आरोपी अमरजीत ने हेमंत को आठ दिन का समय देने से पूरी तरह इंकार कर दिया। इस बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई थी। यह आपसी विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि रिटायर्ड फौजी अमरजीत ने गुस्से में आकर हेमंत के माथे में गोली मार दी।
वारदात के समय परिवार की मौजूदगी और अस्पताल का सफर
जिस समय यह खौफनाक वारदात हुई, उस समय कमरे में कई लोग मौजूद थे। गोली चलने की इस घटना के समय हेमंत की पत्नी, उनके तीनों बच्चे और उनका दोस्त ललित कमरे के अंदर ही मौजूद थे। गोली लगने के तुरंत बाद गंभीर हालत में परिजन उसे अस्पताल लेकर भागे। अस्पताल से हेमंत की गंभीर हालत को देखते हुए उसे फोर्टिस अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
इलाज के दौरान ही अस्पताल में हेमंत की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हेमंत के घर और अस्पताल दोनों जगहों पर पहुँच गई। पुलिस ने आरोपी अमरजीत की गिरफ्तारी के लिए मंगलवार रात को ही बड़े स्तर पर छापेमारी शुरू कर दी थी। घटना के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा।
मृतक का परिचय और पुलिस की आधिकारिक जानकारी
हेमंत पीजी संचालित करने के साथ-साथ किराए का काम भी करता था। उसके परिवार में उसकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। हेमंत की माँ और उसका छोटा भाई घर के ग्राउंड फ्लोर पर ही रहते हैं। सेक्टर-14 थाना प्रभारी अमित कुमार ने बुधवार को इस मामले की पूरी जानकारी दी।
थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि आरोपी अमरजीत मूलरूप से भिवानी का रहने वाला है। आरोपी अमरजीत और मृतक हेमंत आपस में दोस्त थे। इन दोनों दोस्तों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर ही पूरा विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार इस पूरी घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है।