गुरुग्राम में गैंगस्टर की अवैध प्लास्टिक फैक्ट्री पर चला बुलडोजर: सेक्टर-9 में 1.5 करोड़ की संपत्ति ध्वस्त

निगम के 200 वर्ग में बने 1.5 करोड़ के अवैध फैक्ट्री ध्वस्त
आपराधिक गतिविधियों को आर्थिक सहायता करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई
अवैध गतिविधियों में संलिप्त आरोपी की निगम भूमि पर बनी अवैध फैक्ट्री ध्वस्त
पुलिस द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान
फतह सिंह उजाला /मानेसर 12 अगस्त 2026/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
गुरुग्राम पुलिस और नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: सेक्टर-9 में गैंगस्टरों की आर्थिक कमर पर चोट, 1.5 करोड़ की अवैध प्लास्टिक फैक्ट्री ध्वस्त
मानेसर/गुरुग्राम में अपराधियों और अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गुरुग्राम पुलिस और नगर निगम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सेक्टर-9 क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से चल रही एक प्लास्टिक और पॉलिथीन निर्माण फैक्ट्री को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
इस जमीन का क्षेत्रफल लगभग 200 वर्ग गज बताया जा रहा है, जो नगर निगम गुरुग्राम के स्वामित्व में आती है। अधिकारियों के मुताबिक इस पूरी संपत्ति और उस पर किए गए अवैध निर्माण की अनुमानित कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये थी। इस पूरी कार्रवाई को पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया।
जांच में सामने आया है कि इस अवैध फैक्ट्री का संचालन प्रताप नगर, गुरुग्राम का रहने वाला विनय बाजवा नाम का व्यक्ति कर रहा था। विनय बाजवा लंबे समय से बिना किसी मंजूरी के नगर निगम की कीमती जमीन पर कब्जा करके पॉलिथीन बनाने और बेचने का काला कारोबार चला रहा था।
पुलिस की प्राथमिक जांच और खुफिया इनपुट से यह बात भी सामने आई है कि आरोपी विनय बाजवा का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह इलाके में सक्रिय आपराधिक गिरोहों (गैंगस्टरों) के संपर्क में था और इस अवैध कारोबार से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा उन्हें वित्तीय सहायता (फंडिंग) के रूप में मुहैया कराता था।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि जब कोई अवैध व्यवसाय अपराधियों को वित्तीय रूप से मजबूत करने लगता है, तो उससे समाज और कानून-व्यवस्था पर बेहद खतरनाक असर पड़ता है। इसी के चलते उच्च अधिकारियों के दिशा-निर्देशों पर अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) मानेसर की टीम ने इस मामले में गहराई से जांच शुरू की थी।
मामले की पूरी पुष्टि होने के बाद नगर निगम के अधिकारियों के साथ मिलकर इस निर्माण को गिराने की कानूनी रूपरेखा तैयार की गई। कार्रवाई के दिन मौके पर किसी भी तरह के विरोध या हिंसा की आशंका को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
नगर निगम के उप-मण्डल अधिकारी (एसडीओ) पवन कुमार और क्राइम ब्रांच मानेसर की पुलिस टीम की संयुक्त अगुवाई में बुलडोजर दस्ता मौके पर पहुंचा। पूरे इलाके की घेराबंदी करने के बाद महज कुछ ही घंटों के भीतर 1.5 करोड़ रुपये की लागत से बने पूरे अवैध ढांचे को जमींदोज कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को भी जागरूक किया और यह संदेश दिया कि अवैध कब्जों या प्रतिबंधित प्लास्टिक के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरी तोड़फोड़ प्रक्रिया के दौरान किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
गुरुग्राम में पिछले कुछ महीनों से जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम मिलकर लगातार सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे छुड़ाने का अभियान चला रहे हैं। विशेष रूप से उन जमीनों और संपत्तियों को निशाना बनाया जा रहा है, जिनका इस्तेमाल किसी न किसी रूप में अपराध या अपराधियों को फायदा पहुंचाने के लिए हो रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सेक्टर-9 जैसे व्यस्त इलाके में लंबे समय से चल रही इस अवैध गतिविधियों से आसपास का माहौल भी प्रभावित हो रहा था। दिन-रात होने वाले अवैध परिवहन और संदिग्ध आवाजाही से आसपास के लोगों में भी असुरक्षा का माहौल बना रहता था।
पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के तहत भी सिंगल यूज़ प्लास्टिक और अवैध पॉलिथीन इकाइयों पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद गुरुग्राम और मानेसर के कई औद्योगिक तथा रिहायशी इलाकों में छिपकर ऐसी अवैध इकाइयां चलाए जाने की शिकायतें पुलिस को मिलती रही हैं।
पुलिस का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से न सिर्फ अवैध निर्माण करने वालों को कड़ा संदेश जाएगा, बल्कि जो लोग संगठित अपराध को आर्थिक रूप से सहयोग दे रहे हैं, उन पर भी नकेल कसेगी। अपराधियों के वित्तीय स्रोतों को खत्म करना पुलिस की प्राथमिकता रणनीति का हिस्सा है।
गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता ने इस पूरी कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी ऐसे अपराधियों, उनके मददगारों और सरकारी संपत्तियों पर कब्जा करने वालों पर सख्त से सख्त एक्शन जारी रहेगा।
पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि अगर उनके आसपास कोई भी व्यक्ति सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करता है, प्रतिबंधित पॉलिथीन का निर्माण करता है या किसी आपराधिक गिरोह को किसी भी तरह की मदद पहुंचाता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद मानेसर और गुरुग्राम के आसपास के अन्य अवैध कारोबारियों और कब्जाधारियों में हड़कंप का माहौल है। पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य इलाकों में भी चिन्हित की गई अवैध संपत्तियों के खिलाफ इसी प्रकार का बुलडोजर एक्शन देखने को मिलेगा।