गुरुग्राम में काले झंडे लेकर सरकार के खिलाफ गरजे सफाईकर्मी, 34वें दिन भी हड़ताल जारी

गुरुग्राम में काले झंडे लेकर सरकार के खिलाफ गरजे सफाईकर्मी, 34वें दिन भी हड़ताल जारी

गुरुग्राम में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को 34वें दिन भी लगातार जारी रही। नगर निगम गुरुग्राम के हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने पुराने नगर निगम कार्यालय में इकट्ठा होकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कुरुक्षेत्र व करनाल के दो कर्मचारियों की मौत पर श्रद्धांजलि दी गई।

कुरुक्षेत्र और करनाल के कर्मचारियों को दी गई श्रद्धांजलि

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कर्मचारियों ने कुरुक्षेत्र नगर परिषद के पैरोल कर्मचारी रोहित पुत्र रामकुमार और करनाल नगर निगम के कुलदीप पुत्र राजवीर की मौत पर शोक व्यक्त किया। इन दोनों कर्मचारियों की टर्मिनेशन के सदमे से हार्ट अटैक से मौत हुई थी। सभी ने मृत कर्मचारियों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

पुराने नगर निगम कार्यालय में हुआ प्रदर्शन

34वें दिन की हड़ताल की अध्यक्षता वरिष्ठ उप प्रधान सम्मी बोहत और फायर जिला प्रधान साहुन खान ने संयुक्त रूप से की। संचालन सचिव धर्मेंद्र जिंघाला और कोषाध्यक्ष भारत कांगड़ा ने किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि नौ सितंबर तक समाधान नहीं हुआ तो हड़ताल आगे बढ़ाई जाएगी। पुराना नगर निगम कार्यालय परिसर में मृतक सफाई कर्मचारियों को श्रद्धांजलि के बाद सभी हड़ताली कर्मचारियों ने उल्टी झाड़ू करके और काले झंडे लेकर अग्रसेन चौक, शमा रेस्टोरेंट, सेशन हाउस, पटवार भवन, झाड़सा रोड, सिविल लाइन रोड, मोरनी चौक, धर्मशाला चौक होते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

सरकार पर झूठी बयानबाजी और आंदोलन को दबाने का आरोप

राज्य उप प्रधान बसंत कुमार ने कहा कि मृतक दोनों कर्मचारियों के परिवार को उचित मुआवजा और आश्रित को पक्की नौकरी दी जाए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों की गिरफ्तारी, सस्पेंशन और टर्मिनेशन रद्द करने और झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग की। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने अभी तक कोई मांग नहीं मानी और न कोई पत्र जारी किया, जबकि मंत्री सोशल मीडिया पर 12-14 मांगें मानने का दावा कर रहे हैं। यह झूठी बयानबाजी है। उन्होंने कहा कि सरकार आंदोलन को बातचीत से हल करने के बजाय पुलिस बल से दबा रही है। शहर में कूड़ा उठाने के सरकारी प्रयास विफल हैं। फर्जी बिल बनाकर सरकारी धन की लूट हो रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

प्रमुख मांगें और लिखित आदेश की मांग

नेताओं ने मांग की कि 13 मई के समझौते को लागू कर लिखित आदेश जारी हों। सफाई और सीवर कार्य से ठेका प्रथा खत्म कर पक्की भर्ती हो, कच्चे कर्मचारियों का नियमितीकरण हो और फायर कर्मचारी रणबीर व भवी चंद शर्मा के आश्रितों को वादे के अनुसार 50-50 लाख सहायता और पक्की नौकरी दी जाए।

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