गुरुग्राम में सहस्त्र चंडी महायज्ञ का आयोजन, सवा लाख आहुतियों से गूंजा पूरा परिसर

गुरुग्राम में सहस्त्र चंडी महायज्ञ का आयोजन, सवा लाख आहुतियों से गूंजा पूरा परिसर

सहस्त्र चंडी महायज्ञ में सवा लाख आहुतियों से गूंजायमान हुआ यज्ञ परिसर

जगद्गुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज का मार्गदर्शन एवं सानिध्य

पूजन के दौरान पूरा यज्ञ परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से हो रहा ओत-प्रोत

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

16 स्तंभों का भव्य पूजन, ललिता त्रिपुर सुंदरी का सहस्रार्चन और दुर्गा सप्तशती पाठ 

विश्व कल्याण, राष्ट्र की समृद्धि, सुख-शांति और जनकल्याण की कामना कर रहे

पंचकोशी मार्ग स्थित आदि शंकराचार्य महासंस्थानम में सहस्त्र चंडी महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन जगद्गुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के मार्गदर्शन और सानिध्य में संपन्न हो रहा है। इस महायज्ञ में सवा लाख आहुतियां दी गईं, जिससे पूरा यज्ञ परिसर वैदिक मंत्रों और यज्ञ की सुगंध से गूंज उठा। श्रद्धालु मां भगवती की आराधना कर विश्व कल्याण, राष्ट्र की समृद्धि, सुख-शांति और जनकल्याण की कामना कर रहे हैं।

  • जगद्गुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के मार्गदर्शन में आयोजन।
  • यज्ञ परिसर में सवा लाख आहुतियां समर्पित की गईं।
  • 16 स्तंभों का पूजन और ललिता त्रिपुर सुंदरी का सहस्रार्चन किया गया।
  • श्रद्धालुओं ने दुर्गा सप्तशती का पाठ किया।
  • विश्व कल्याण और राष्ट्र की समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई।

महायज्ञ में धार्मिक अनुष्ठान और पूजन

आयोजक मंडल के प्रवक्ता ने मीडिया को जानकारी दी कि पूजन के दिन की शुरुआत प्रातः सुप्रभातम के साथ हुई। इसके बाद महायज्ञ मंडप में स्थापित 16 स्तंभों का भव्य और विधिवत पूजन किया गया। इसके बाद विभिन्न वेदियों का पूजन संपन्न हुआ। विद्वान ब्राह्मणों और आचार्यों ने वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ यज्ञीय अनुष्ठानों को आगे बढ़ाया। इस दौरान पूरा यज्ञ परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत नजर आया।

ललिता त्रिपुर सुंदरी का सहस्रार्चन और दुर्गा सप्तशती पाठ

महायज्ञ के चौथे दिन ललिता त्रिपुर सुंदरी का विशेष सहस्रार्चन संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने मां त्रिपुर सुंदरी की आराधना कर सुख, शांति और लोककल्याण की कामना की। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती का विधिवत पाठ किया गया। मंत्रोच्चार के बीच यज्ञाग्नि में आहुतियां समर्पित की गईं। महायज्ञ में दी गई सवा लाख आहुतियों से पूरा परिसर वैदिक मंत्रों की गूंज से भर गया।

सनातन परंपरा का संरक्षण और श्रद्धालुओं का उत्साह

जगद्गुरु शंकराचार्य resided in the guidance of जगद्गुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंदmathsf{ }नंद सरस्वती महाराज, this सहस्त्र चंडी महायज्ञ को धर्म, अध्यात्म और सनातन परंपरा के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक परंपराओं के अनुरूप विभिन्न अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं। आश्रम परिसर में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है। दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और पूजन, पाठ एवं हवन में सहभागी बन रहे हैं।

आगामी अनुष्ठान और तैयारियां

महासंस्थानम में महायज्ञ के आगामी अनुष्ठानों को लेकर तैयारियां जारी हैं। आयोजकों के अनुसार, आने वाले दिनों में भी वैदिक विधि-विधान के साथ विभिन्न पूजन और यज्ञीय कार्यक्रम संपन्न कराए जाएंगे।

Share:

Comments

Leave a comment