गुरुग्राम में औद्योगिक कर्मचारियों के लिए मासिक, त्रैमासिक व वार्षिक टोल पास की उठी मांग

प्रोफेशनल नेटवर्क ग्रुप ऑफ इंडिया (पीएनजीआई) ने हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रतिदिन भारी टोल शुल्क का सामना करने की समस्या को गंभीरता से उठाया है। पीएनजीआई के चेयरमैन विनोद बापना ने मंगलवार को इस संबंध में हरियाणा सरकार और संबंधित विभागों से औद्योगिक कर्मचारियों के लिए विशेष मासिक, त्रैमासिक एवं वार्षिक टोल पास की व्यवस्था करने की मांग की है। चेयरमैन विनोद बापना की इस पहल को प्रमुख औद्योगिक संगठनों का समर्थन प्राप्त हुआ है। इस महत्वपूर्ण मुद्दे को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष रखा जाएगा।
प्रमुख औद्योगिक संगठनों का समर्थन और मांग
विनोद बापना प्रमुख औद्योगिक संगठनों सीआईआई, एफआईआई जैसे विभिन्न औद्योगिक संगठनों से वरिष्ठ स्तर पर जुड़े हुए हैं। उनकी इस पहल को औद्योगिक जगत के प्रमुख संगठनों और कंपनियों का व्यापक समर्थन मिला है। विभिन्न औद्योगिक संगठनों ने इस मांग को पूरी तरह जायज ठहराते हुए हरियाणा सरकार से इस समस्या का शीघ्र और स्थायी समाधान निकालने की अपील की है। पीएनजीआई का कहना है कि मानेसर, गुरुग्राम, फर्रुखनगर, खरखौदा, सोनीपत एवं अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट कंपनियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने विभिन्न प्लांटों और कंपनी लोकेशनों के बीच आधिकारिक कार्यों के लिए प्रतिदिन आवाजाही करनी पड़ती है। ऐसे में बार-बार टोल भुगतान से कर्मचारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है।
औद्योगिक समूहों की आवाज और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रावधान
इस मांग के समर्थन में कई प्रमुख औद्योगिक समूहों ने भी आवाज उठाई है, जिनमें मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, एसकेएच ग्रुप ऑफ कंपनीज, कृष्णा मारुति, कैपारो मारुति, सोना कॉमस्टार और जेबीएम सहित अन्य उद्योग शामिल हैं। पीएनजीआई ने सरकार से मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रावधानों के अनुरूप ऐसे कर्मचारियों के लिए विशेष टोल पास सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इससे वे अपने आधिकारिक कार्यों के लिए सुगमता और कम लागत में यात्रा कर सकें। खरखौदा में मारुति सुजुकी के बड़े प्लांट की स्थापना के बाद क्षेत्र में ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट उद्योगों का तेजी से विस्तार हुआ है। बड़ी संख्या में सहायक एवं वेंडर कंपनियों ने भी खरखौदा और आसपास के क्षेत्रों में अपनी इकाइयां स्थापित की हैं। इसके चलते केएमपी एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख मार्गों पर मानेसर, गुरुग्राम और खरखौदा के बीच प्रतिदिन हजारों अधिकारियों एवं कर्मचारियों की आवाजाही होती है।