हांसी में फसल बर्बाद देख खेत में बेसुध हुआ किसान, सदमे से हुई मौत

हांसी के गंगन खेड़ी गांव में फसल खराब होने से परेशान 55 वर्षीय किसान विजेंद्र की खेत में अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन और ग्रामीण उसे तुरंत ट्रैक्टर से हांसी के नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने फसल बर्बाद होने से गहरे सदमे में तबीयत बिगड़ने की आशंका जताई है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यह घटना 12 सितंबर की है।
कैसे हुई घटना और कैसे चला पता
मृतक के बेटे बबलू ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे उसके पिता विजेंद्र अपने छोटे भाई राजू के साथ खेत में पानी लगाने गए थे। खेत में पहुंचने के बाद विजेंद्र ने राजू से कहा कि वह पीछे से खाल में पानी खोलकर आता है। काफी देर तक जब विजेंद्र वापस नहीं आया तो राजू उसे देखने के लिए खेत में गया। वहां विजेंद्र खेत में बेसुध पड़ा मिला। राजू ने तुरंत बबलू को फोन कर इस घटना की पूरी सूचना दी।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग और आसपास के किसान विजेंद्र को ट्रैक्टर पर बिठाकर नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बबलू ने बताया कि वह एक भाई और एक बहन हैं और दोनों शादीशुदा हैं। बबलू हांसी में एक ट्रैक्टर मैकेनिक के पास काम करता है।
फसल खराब होने से लंबे समय से थे परेशान
बब्लू के अनुसार, उसके पिता पिछले काफी समय से फसल खराब होने को लेकर बहुत परेशान चल रहे थे। विजेंद्र अक्सर कहते थे कि पिछली बार भी फसल नहीं हुई थी और इस बार भी उनकी खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। परिजनों का कहना है कि खेत में फसल की खराब हालत देखकर विजेंद्र को गहरा सदमा लगा होगा। इसी सदमे के बाद उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपा
इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत नागरिक अस्पताल पहुंची। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने मृतक के बेटे बबलू के बयान पर इत्तेफाकिया कार्रवाई की। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। विजेंद्र की मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह सामने आएगी।