हांसी बवाल: SP बोले तिरंगा न फहराना देशद्रोह, 10 गिरफ्तार

Atal Hind Team Online16 August 20269 min read38 viewsहिसार
हांसी बवाल: SP बोले तिरंगा न फहराना देशद्रोह, 10 गिरफ्तार

हांसी में पुलिस द्वारा किसानों पर किए गए लाठीचार्ज और पथराव की विपक्षी दलों ने कड़ी निंदा की है। सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा, रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा, पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और इनेलो प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने पुलिस कार्रवाई को बर्बर बताया है। विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि किसानों पर दर्ज किए गए झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं, जब्त ट्रैक्टर छोड़े जाएं और पुलिस अधिकारियों द्वारा पत्थर फेंकने के मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।

हांसी / 16 अगस्त 2026 / अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

हांसी के एसपी विनोद कुमार ने 15 अगस्त को हुए किसान-पुलिस टकराव को लेकर अपना बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि 15 अगस्त हमारा राष्ट्रीय पर्व है। तिरंगा हमारी शान है। तिरंगा न फहराने देने और स्वतंत्रता दिवस समारोह को बाधित करने की कॉल देना उनके हिसाब से देशद्रोह और राष्ट्रद्रोह जैसा काम है।

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एसपी ने बताया कि हिसार में हुए एक हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने 15 अगस्त की सुबह करीब 6 बजे सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ हांसी की ओर कूच किया। कई बाहरी नाकों और बैरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की गई। कुछ जगहों पर ट्रैक्टर पुलिस पर चढ़ाने की कोशिश भी हुई। बाद में पुलिस पर पथराव किया गया।

जब प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल के आसपास पहुंच गए तो एसपी खुद मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। मौके से कई लोगों को पकड़ा गया। अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। करीब 15-16 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज है। बाकी लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई चल रही है।

गिरफ्तार लोगों में सुरेश कोथ और नंबरदार का नाम शामिल है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनों के तहत भी कार्रवाई की गई है। हिसार के हत्याकांड को लेकर प्रदर्शनकारियों की मांग सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की थी।

एसपी के अनुसार इस हत्याकांड में करीब नौ आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। एक आरोपी की गिरफ्तारी बाकी है। जांच में समय लगता है। लेकिन राष्ट्रीय पर्व को बाधित करने की कॉल देना और कार्यक्रम को रोकने की कोशिश करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य नेहरू कॉलेज ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहुंचकर कार्यक्रम को बाधित करना था।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम में व्यवधान पैदा करने की कोशिश थी। इसी वजह से पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। पुलिस ने कई जगह मजबूत बैरिकेड लगाए थे। प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टरों से उन्हें तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस पर पथराव भी किया गया। मौके की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कानून के तहत कार्रवाई की।

महिला की ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल होने के सवाल पर एसपी ने कहा कि 15 अगस्त के कार्यक्रम को बाधित करना, तिरंगे का अपमान करना और तिरंगा न फहराने देने की कॉल देना कोई सही कदम नहीं है। ऐसे मामलों में पुलिस को कानून के अनुसार कार्रवाई करनी ही पड़ेगी। आगे की कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।

अगर भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियां होती हैं तो कानून के मुताबिक कार्रवाई जारी रहेगी। टोल प्लाजा रोकने की चर्चाओं पर एसपी ने कहा कि ऐसी कॉल की जानकारी पुलिस को मिली है। हांसी के अलावा हिसार और जींद सहित अन्य जगहों पर भी इस तरह की बातें सामने आई हैं। स्थिति के अनुसार पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।

गिरफ्तार आरोपियों को कानून के मुताबिक 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाता है। गिरफ्तार लोगों को अदालत में पेश कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर पुलिस की लाठीचार्ज और पत्थरबाजी से जुड़े अलग-अलग वीडियो वायरल होने के सवाल पर एसपी ने लोगों से अपील की कि वे अधूरी या भ्रामक वीडियो के आधार पर निष्कर्ष न निकालें। पुलिस ने मौके की परिस्थितियों के अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की।

हांसी में स्वतंत्रता दिवस समारोह को बाधित करने पहुंचे किसानों और पुलिस के बीच हुए टकराव को लेकर एसपी ने और विस्तार से बताया। हिसार में जीवन हत्याकांड को लेकर गठित कमेटी की ओर से 15 अगस्त के कार्यक्रम को बाधित करने का आह्वान किया गया था। इसी के तहत कई जगहों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों में हांसी पहुंचे।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नाकों पर रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया। ट्रैक्टरों से पुलिस नाके तोड़ने और पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की गई। इस घटनाक्रम में पुलिस के करीब पांच-छह जवान घायल हुए। एसपी खुद, डीएसपी और सीआईए इंस्पेक्टर भी शामिल हैं।

पुलिस ने मामले में कई नामजद लोगों समेत करीब 150 से 200 अन्य महिला-पुरुषों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सुरेश कोथ, अनिल भालकिया, रोशन लाल पाबड़ा, नरेंद्र कुंडू, रामफल प्रधान, अमरजीत कुंडू, रवि पूर्व सरपंच, अजीत पूनिया, महेंद्र सिहाग, रामकेश, वारिस सिंधु, रोहतास, दयानंद उर्फ दाना दुहन, बेली राम फौजी और शमशेर नंबरदार समेत अन्य के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ पीडीपीपी एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के कई ट्रैक्टर और वाहन भी जब्त किए हैं। एसपी की पत्थर फेंकते हुए वायरल वीडियो पर पूछे गए सवाल पर विनोद कुमार ने कहा कि मौके पर भारी भीड़ थी। भीड़ को तितर-बितर करने और पुलिस से दूर रखने के लिए पुलिस की ओर से भी पत्थर चलाए गए।

अन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह टकराव मुख्य रूप से हिसार के डेयरी संचालक जीवन कुंडू की हत्या से जुड़ा था। जीवन कुंडू की 4 अगस्त को हत्या हुई थी। आरोप है कि उन्हें लगभग एक दर्जन लोगों ने पीटा था। मुख्य आरोपी रमेश शर्मा अभी फरार है। पुलिस ने अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।किसान संगठनों, खाप पंचायतों और सामाजिक संगठनों के लोग इस मांग को लेकर इकट्ठा हुए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री के ध्वजारोहण कार्यक्रम को रोकने का ऐलान किया था। पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी। सिसाय पुल और अन्य जगहों पर बैरिकेडिंग की गई थी। प्रदर्शनकारी ट्रैक्टरों और पैदल आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।

झड़प के दौरान दोनों तरफ से पथराव हुआ। कई प्रदर्शनकारी भी घायल हुए। कुछ किसानों के सिर पर चोटें आईं। महिलाएं पास की दुकानों में शरण लेने लगीं। पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। एसपी विनोद कुमार के हाथ पर पत्थर लगा। उन्होंने रूमाल बांधकर खून रोका। डीएसपी भी घायल हुए।

ख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बाद में सरकारी कॉलेज पहुंचे। वहां तंग सुरक्षा के बीच ध्वजारोहण का कार्यक्रम पूरा हुआ। कार्यक्रम स्थल को घेर लिया गया था। आगे कोई बड़ा व्यवधान नहीं हुआ। पुलिस ने बताया कि करीब एक हजार पुलिसकर्मी ड्यूटी पर थे।16 अगस्त को गिरफ्तार 10 किसानों को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इनमें शमशेर नंबरदार, सुरेश कोथ समेत अन्य शामिल हैं।

पुलिस ने बीएनएस की कई धाराओं के अलावा राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान रोकथाम अधिनियम के तहत भी केस दर्ज किया है।विपक्षी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कुछ ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। संयुक्त किसान मोर्चा ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और घायल किसानों के लिए मुआवजे की मांग की है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी थी।एसपी ने दोहराया कि तिरंगे का अपमान और राष्ट्रीय पर्व को बाधित करना सही नहीं है। भविष्य में भी अगर ऐसी गतिविधियां होती हैं तो कार्रवाई जारी रहेगी।

हिसार में भी प्रदर्शन हुए। लोगों ने गिरफ्तारियों के खिलाफ आवाज उठाई। कुछ जगहों पर सड़क जाम की खबरें भी आईं।जीवन कुंडू हत्याकांड में पुलिस जांच जारी है। मुख्य आरोपी की तलाश में टीमें लगाई गई हैं। इनाम भी घोषित किया गया है। परिवार न्याय की मांग कर रहा है। किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे। पुलिस का दावा है कि स्थिति नियंत्रण से बाहर जा रही थी इसलिए कार्रवाई जरूरी हो गई।सोशल मीडिया पर दोनों तरफ के वीडियो वायरल हो रहे हैं। कुछ में पुलिस को पत्थर फेंकते दिखाया गया है। कुछ में प्रदर्शनकारियों को ट्रैक्टर आगे बढ़ाते और पथराव करते दिखाया गया है।

एसपी ने अपील की है कि अधूरी क्लिप देखकर कोई फैसला न लें। पूरी स्थिति को समझें।हांसी शहर में स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है। पुलिस गश्त बढ़ाई गई है। आगे की जांच और कार्रवाई जारी रहेगी। नामजद आरोपियों की तलाश चल रही है। वाहनों की जब्ती और सबूतों की जांच भी हो रही है।यह घटना हरियाणा में चर्चा का विषय बनी हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी खबरें आईं। एसपी का बयान सामने आने के बाद और ज्यादा ध्यान आकर्षित हुआ।

तिरंगा और स्वतंत्रता दिवस को लेकर उनके शब्दों ने लोगों में चर्चा पैदा की।पुलिस का रुख साफ है कि राष्ट्रीय पर्व पर किसी तरह की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारियों की मांगों पर भी कहा गया कि हत्याकांड की जांच चल रही है। समय लगेगा लेकिन प्रक्रिया जारी है। दोनों पक्षों के घायलों का इलाज हुआ। कोई गंभीर हालत में नहीं बताया गया।अदालत में पेशी के बाद गिरफ्तार लोगों को जेल भेज दिया गया। उनके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी।

पुलिस ने कहा कि बाकी नामजद लोगों की भी गिरफ्तारी जल्द होगी। मामले में और सबूत जुटाए जा रहे हैं।हांसी की इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि स्थानीय मुद्दे कैसे बड़े कार्यक्रमों से जुड़ जाते हैं। किसान और पुलिस दोनों अपनी बात रख रहे हैं। एसपी विनोद कुमार का बयान इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने तथ्यों के साथ अपनी तरफ से स्पष्टीकरण दिया।आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हिसार और आसपास के इलाकों में भी पुलिस सतर्क है।

कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रीय पर्व की पवित्रता को लेकर एसपी ने जो कहा वह उनके बयान का मुख्य हिस्सा है।यह पूरी घटना 15 अगस्त की सुबह शुरू हुई और कुछ घंटों में नियंत्रित हो गई। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय समय पर पूरा हुआ।

पुलिस कार्रवाई के बाद स्थिति संभली। अब कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। 10 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और और होने वाली हैं।एसपी ने साफ किया कि भविष्य में भी अगर कोई राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ी बातों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा तो कार्रवाई होगी। लोगों से अपील की गई कि कानून का पालन करें। अधूरी जानकारी पर भरोसा न करें।हांसी बवाल और एसपी के बयान की यह पूरी तस्वीर है। अन्य स्रोतों से मिली जानकारियों को जोड़कर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। तथ्यों को यथासंभव सही रखने की कोशिश की गई है।

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